गढ़वाली गीत ‘मुल-मुल हैंसदी’ नेक्स्ट जनरेशन सांग है, इसमें पहाड़ी फील है। गीत को आवाज दी है मनीष नेगी और रिया शर्मा ने, दोनों बेहतरीन गाते हैं...देखें वीडियो
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कोमल नेगी
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हजारों वर्षों से जलती अखंड ज्योति के सामने सात फेरे - आस्था, परंपरा और प्रकृति का अनोखा संगम
पहाड़, मंत्र और देवभूमि का आशीर्वाद.. त्रियुगीनारायण में शादी सिर्फ एक समारोह नहीं, आध्यात्मिक अनुभव है।
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Image: Coronavirus Uttarakhand:Manish negi new garhwali song on youtube
बागेश्वर: कोरोना की टेंशन के बीच लोगों को फुर्सत के पल बिताने का मौका मिल गया है। देश में लॉकडाउन है, लेकिन एंटरटेनमेंट पर नहीं। इसलिए पहाड़ी गीत-वीडियो खूब देखें-सुनें। मस्त रहें। चलिए अब आपको उत्तराखंड गीतों की सबसे लेटेस्ट एंट्री के बारे में बताते हैं। गीत का टाइटल है ‘मुल-मुल हैंसदी’। सालों पहले सुप्रसिद्ध लोकगायक नरेंद्र सिंह नेगी ने एक लोकगीत गाया था ‘मुल-मुल कैकूं हैंसणी छै तू’। ये गीत माइल स्टोन रहा, जिसे आज भी खूब पसंद किया जाता है। अब आते हैं नए सांग ‘मुल-मुल हैंसदी’ पर। ये नेक्स्ट जनरेशन सांग है, लेकिन है पूरी पहाड़ी फील वाला। गीत को अपनी आवाज से सजाया है लोकगायक मनीष नेगी और रिया शर्मा ने। दोनों बहुत अच्छा गाते हैं। म्यूजिक गुंजन डंगवाल का है। ‘मुल-मुल हैंसदी’ पूरी तरह से आज का पहाड़ी गीत है, लेकिन ये आपको लाउड नहीं लगेगा।
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गीत में खूबसूरत लवस्टोरी है, नोंक-झोंक है, साथ ही पहाड़ी गांवों की खूबसूरती भी। यू-ट्यूब पर लांच हुए गीत को दर्शकों का खूब प्यार मिल रहा है। लोकेशन और वीडियोग्राफी कमाल की है। कोरोना लॉकडाउन की टेंशन के बीच ये पहाड़ी सांग आपको ठंडी हवा के झोंके सा अहसास कराएगा। आइए अब आपको इस खूबसूरत गीत का वीडियो दिखाते हैं...