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90% ट्रेकर्स नहीं जानते केदार हिमालय के ये सीक्रेट रूट्स
प्रकृति से जुड़ने और आत्मिक शांति पाने का अवसर। केदार हिमालय की वो यात्राएं जो ज़िंदगी भर याद रहती हैं।
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बागेश्वर: कोरोना की टेंशन के बीच लोगों को फुर्सत के पल बिताने का मौका मिल गया है। देश में लॉकडाउन है, लेकिन एंटरटेनमेंट पर नहीं। इसलिए पहाड़ी गीत-वीडियो खूब देखें-सुनें। मस्त रहें। चलिए अब आपको उत्तराखंड गीतों की सबसे लेटेस्ट एंट्री के बारे में बताते हैं। गीत का टाइटल है ‘मुल-मुल हैंसदी’। सालों पहले सुप्रसिद्ध लोकगायक नरेंद्र सिंह नेगी ने एक लोकगीत गाया था ‘मुल-मुल कैकूं हैंसणी छै तू’। ये गीत माइल स्टोन रहा, जिसे आज भी खूब पसंद किया जाता है। अब आते हैं नए सांग ‘मुल-मुल हैंसदी’ पर। ये नेक्स्ट जनरेशन सांग है, लेकिन है पूरी पहाड़ी फील वाला। गीत को अपनी आवाज से सजाया है लोकगायक मनीष नेगी और रिया शर्मा ने। दोनों बहुत अच्छा गाते हैं। म्यूजिक गुंजन डंगवाल का है। ‘मुल-मुल हैंसदी’ पूरी तरह से आज का पहाड़ी गीत है, लेकिन ये आपको लाउड नहीं लगेगा।