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हजारों वर्षों से जलती अखंड ज्योति के सामने सात फेरे - आस्था, परंपरा और प्रकृति का अनोखा संगम
पहाड़, मंत्र और देवभूमि का आशीर्वाद.. त्रियुगीनारायण में शादी सिर्फ एक समारोह नहीं, आध्यात्मिक अनुभव है।
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टिहरी गढ़वाल: कोरोना ने समस्त विश्व को अपने प्रकोप से घर में कैद रहने को बाधित कर दिया है। भारत हर तरीके से इससे लड़ने की तैयारी कर रहा है। भारत सरकार ने पूरे भारत में 21 दिन के लिए लॉकडाउन भी लगा रखा है। उत्तराखंड में कोरोना के 6 केस सामने आए हैं। लोग सहमे हुए हैं। प्रशासन सख्त हो रखा है। सभी दुकानें, स्कूल, अस्पताल, बन्द हो रखे हैं। सड़कों पर परिवहनों की आवाजाही नामात्र की हो गई है। वाहनों से ठसाठस भरी रहने वाली रोड़ पर इक्का-दुक्का वाहन ही देखने को मिल रहे हैं। देवप्रयाग में लोगों को लॉकडाउन के चलते भारी मुसीबतों का सामना करना पड़ रहा है। देवप्रयाग में दूर-दराज के कई गांव में सब सुविधाओं के ठप्प होने की वजह से लोगों को इमरजेंसी के समय काफी परेशानी हो रही है। यातायात ठप्प हो जाने के कारण लोगों को अस्पताल ले जाने वाला कोई नहीं है। ऐसे में अगर गांव में किसी व्यक्ति को उपचार की ज़रूरत पड़ी तो वो कैसे अस्पताल पहुंच पायेगा? ऐसे ही लोगों की ज़िम्मेदारी ली है देवप्रयाग के कुछ युवाओं ने। वे आपातकालीन स्थिति में देवप्रयाग के कीर्तिनगर क्षेत्र के ग्रामीण क्षेत्रों से ज़रूरतमंद लोगों को निःशुल्क अस्पताल तक पहुंचाने का काम कर रहे हैं।