देवभूमि के सामने एक बड़ा संकट मुंह बाये खड़ा है। प्रदेश के 7 जिलों में कोरोना वायरस के स्लीपर सेल पनप रहे हैं, इनके जरिए प्रदेश में कोरोना फैला तो हालात बेकाबू होते देर नहीं लगेगी...
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कोमल नेगी
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Image: Coronavirus Uttarakhand:Search operation started to find the people connected with tablighi jamaat
टिहरी गढ़वाल: तब्लीगी जमात ने उत्तराखंड समेत पूरे देश की नींद उड़ाकर रख दी है। निजामुद्दीन मरकज में शामिल होने के बाद कई जमाती उत्तराखंड लौटे हैं। इनमें से कई को ट्रेस कर लिया गया है, कई के बारे में अब तक पता नहीं चला। निजामुद्दीन मरकज से उत्तराखंड लौटे लोग पहाड़ को श्मशान बना सकते हैं। यानि आप और हम खुद को घरों में कैद रखकर, जिस तरह की मुश्किलें फेस कर रहे हैं, उसका कोई नतीजा नहीं निकलने वाला। कोरोना वायरस के ‘स्लीपर सेल’ हमें हराने की, हमें तोड़ने की साजिश रच रहे हैं। इनकी लापरवाही लोगों की जान पर भारी पड़ेगी। तब्लीगी जमात से लौटे 6 लोग तेलंगाना में कोरोना से मारे गए। कश्मीर में भी एक शख्स की मौत हुई। ये भी तब्लीगी जमात के जलसे में गया था। खतरा आप पर और हम पर भी मंडरा रहा है, क्योंकि उत्तराखंड में भी कई लोग निजामुद्दीन मरकज में शामिल होकर लौटे हैं। जिन जिले के लोगों को कोरोना के इन स्लीपर सेल से बचकर रहने की जरूरत है, उनमें देहरादून, हरिद्वार, ऊधमसिंहनगर, पौड़ी, टिहरी, अल्मोड़ा और उत्तरकाशी जैसे जिले शामिल हैं। प्रदेश में अब तक कई जमातियों को पकड़-पकड़ कर अस्पताल पहुंचाया गया है।
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उत्तराखंड में 26 लोगों के मरकज में शामिल होकर लौटने की पुष्टि हो चुकी है। मसूरी में जमात से लौटे 5 लोगों को ट्रेस कर लिया गया है। इन्हें और इनके परिजनों को अस्पताल में भर्ती किया गया है। नैनीताल जिले में भी 8 जमातियों को हॉस्पिटल में एडमिट कराया गया है। ये लोग भी तब्लीगी जमात में हिस्सा लेकर लौटे थे। बताया जा रहा है कि प्रदेश के 280 लोग अभी जमात में बाहर गए हुए हैं। ये लोग पौड़ी, देहरादून, हरिद्वार, ऊधमसिंहनगर, उत्तरकाशी और टिहरी जिले के रहने वाले हैं। कुल मिलाकर उत्तराखंड में जगह-जगह कोरोना वायरस के स्लीपर सेल पनप रहे हैं, जो कि प्रदेश को मौत के मुहाने तक ले आए हैं। संक्रमण फैला तो ना जाने कितनों की जान जाएगी। प्रदेश के 7 जिलों में लोगों को ज्यादा संभलकर रहने की जरूरत है। क्योंकि जांच में ये भी पता चला है कि कई जमाती मजदूरों और दूसरों दलों में शामिल होकर अपने घरों को लौट आए हैं। बिना स्वास्थ्य की जांच कराए इनका यूं गांव-शहरों में दाखिल होना बड़ा खतरा साबित हो सकता है। इसलिए हमारी आपसे अपील है कि सतर्क रहें। बाहर से लौटे लोगों के बारे में पुलिस को सूचना दें।