डॉक्टर मास्क मांग रहे थे। इन्हें मास्क तो नहीं मिला, हां एक मुफ्त की सलाह जरूर मिल गई। मास्क मांग रहे डॉक्टरों को चिकित्सा अधीक्षक ने मुंह पर गमछा बांधने की सलाह दे डाली। जिसे लेकर अब खूब बवाल हो रहा है...आगे पढ़िए पूरी खबर
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कोमल नेगी
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Image: Coronavirus Uttarakhand:Medical superintendent suggest tied cloth over mask in coronation hospital dehradun
देहरादून: उत्तराखंड में कोरोना मरीजों और संदिग्धों की देखभाल में जुटे डॉक्टरों को एक अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक गजब सलाह दे रहे हैं। खबर कोरोनेशनल अस्पताल से जुड़ी है। जहां चिकित्सा अधीक्षक ने अपने डॉक्टरों और सहयोगी स्टाफ से कहा है कि एन-95 मास्क की जगह मुंह पर गमछा बांधें। मामले ने तूल पकड़ लिया है, हालांकि विवाद होने के बावजूद चिकित्सा अधीक्षक ने अपनी कही बात को सही ठहराया। मामला कोरोनेशन अस्पताल से जुड़ा है। यहां की जिम्मेदारी डॉ. बीसी रमोला के पास है, जो कि सीनियर डॉक्टर होने के साथ-साथ अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक भी हैं। दून के अस्पतालों पर इन दिनों कितना दबाव है, ये तो आप जानते ही होंगे। डॉक्टर और स्वास्थ्यकर्मी जी-जान से मरीजों की सेवा में जुटे हैं, लेकिन आखिर ये भी तो इंसान ही है। कोरोना संक्रमण का खतरा इन्हें भी है, और हमसे ज्यादा है। इसीलिए अस्पताल के कुछ डॉक्टरों ने चिकित्सा अधीक्षक से एन95 मास्क की डिमांड की थी। आगे भी पढ़ लीजिए
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मांग वाजिब थी, क्योंकि डॉक्टरों को हर दिन कई पेशेंट देखने होते हैं, इसलिए वो भी खतरे की जद में हैं। खैर डॉक्टरों को मास्क तो नहीं मिले, हां एक सलाह जरूर मिली। आरोप है कि अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक ने कहा कि कोरोना से बचने के लिए डॉक्टरों को ट्रिपल लेयर मास्क के ऊपर गमछा बांधना चाहिए। अन्य सहयोगी स्टाफ भी ऐसा कर सकता है। कोरोनेशन अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक की इस अजब सलाह से विवाद पैदा हो गया है। डॉक्टरों और चिकित्सा अधीक्षक के बीच हुई बातचीत का स्क्रीनशॉट सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। इस सलाह पर दूसरे डॉक्टर्स खूब मजे ले रहे हैं। वहीं कोरोनेशन अस्पताल के डॉक्टर्स का कहना है कि अस्पताल में मास्क हैं, लेकिन दिए नहीं जा रहे। जबकि चिकित्सा अधीक्षक का कहना है भारत सरकार की गाइडलाइन के अनुसार हाई रिस्क में ही एन95 मास्क का प्रयोग किया जाना है। अगर सामान्य ओपीडी में भी मास्क दिए जाएंगे, तो जरूरतमंदों के सामने संकट पैदा हो जाएगा। साथ ही वो अब भी मुंह पर गमछा बांधने वाली बात पर डटे हुए हैं। उन्होंने कहा कि बहुत से गरीब मजदूर लोग गमछा बांधते हैं, इसमें कुछ गलत नहीं है।