एक तरफ लॉकडाउन और दूसरी तरफ खूंखार गुलदार का खौफ...पहाड़ में सन्नाटे के बीच आदमखोर डरा रहे हैं। पढ़िएये खबर
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कोमल नेगी
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ऋषियों का मार्ग: केदार हिमालय के इन ट्रेक्स पर शोर नहीं, सिर्फ मंत्र सुनाई देते हैं
प्रकृति से जुड़ने और आत्मिक शांति पाने का अवसर। केदार हिमालय की वो यात्राएं जो ज़िंदगी भर याद रहती हैं।
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Image: Leopard attack on villagers in almora
अल्मोड़ा: लॉकडाउन में भी इंसानों और जानवरों के बीच हिंसक झड़प के मामले थम नहीं रहे। सड़कों पर सन्नाटा पसरा है। इंसानों की आवाजाही कम हो गई है, जिस वजह से जंगली जानवर बेखौफ होकर बस्तियों में घुस रहे हैं, लोगों पर हमला कर रहे हैं। ताजा मामला अल्मोड़ा का है। जहां पपोली गांव में तेंदुए ने घुसकर दो लोगों पर हमला कर दिया। सुबह सुबह 8 बजे हुए इस हमले से लोगों में हड़कंप मच गया। हो-हल्ला मचा तो गांव वाले घरों से बाहर निकले। बौखलाए तेंदुए ने थोड़ी ही दूरी पर खड़े पूर्व प्रधान राजेंद्र सिंह पर भी हमला कर दिया। वहां आस -पास के लोगों ने हल्ला कर राजेंद्र को किसी तरह छुड़ाया। इसके बाद शोर सुनकर बाद में तेंदुआ अपने बचाव के लिए गौशाला के पीछे बनी गली में घुस गया। वहां से बाहर नहीं निकल सका। गली संकरी थी, जिस वजह से तेंदुआ वहीं फंसकर रह गया। आगे पढ़िए क्या हुआ।
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डरे हुए लोगों ने इस बारे में वन विभाग को सूचना दी। दोनों घायलों को लेकर वन विभाग की टीम तुरंत जिला अस्पताल पहुंची। दरअसल रविवार सुबह पूर्व सैनिक राजेंद्र सिंह मवेशियों के लेकर जंगल की तरफ जा रहे थे। गांव में ही रहने वाले महेंद्र सिंह भी दुकान की तरफ लौट रहे थे। तभी तेंदुए ने उन पर झपट्टा मार दिया। ग्रामीणों के शोर मचाने पर तेंदुआ अपनी जान बचाने के लिए बस्ती में ही दौड़ने लगा। कुछ ना सूझने पर वो एक गौशाला के पीछे बनी गली में घुस गया, लेकिन वहां से निकल नहीं सका। बाद में लोगों ने वन विभाग को सूचना दी। वन विभाग की टीम गांव के लिए निकल गई है। तेंदुए के हमले में राजेंद्र सिंह और महेंद्र सिंह घायल हुए हैं। दोनों का अस्पताल में इलाज चल रहा है। वन क्षेत्राधिकारी ने बताया कि रेस्क्यू ऑपरेशन के लिए टीम गांव भेज दी गई है। गुलदार को पकड़ कर जंगल में छोड़ दिया जाएगा।