पहाड़ की बहादुर घसेरियां, साथी को बचाने के लिए खूंखार तेंदुए पर झपट पड़ीं..भाग गया आदमख़ोर

पहाड़ की बहादुर घसोरियों की कहानियां तो आपने सुनी ही होंगी। आज एक बार फिर से इन बहादुर महिलाओं ने साहस का परिचय दिया और अपनी साथी को तंदुए से बचा लिया..पढ़िए पूरी खबर
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Pithoragarh News: Pithoragarh women fight with leopard
Image: Pithoragarh women fight with leopard

पिथौरागढ़: पहाड़ की बहादुर महिलाओं ने वक्त वक्त पर अपनी बहादुरी से देश और दुनिया को हैरान किया है। अब एक बार फिर से इन साहसी महिलाओं ने ऐसी वीरता दिखाई की हर कोई तारीफ कर रहा है। यह घटना है पिथौरागढ़ के खती गांव की। बृहस्पतिवार को गांव की महिलाएं जंगल में चारा लेने गई थी। कुंती देवी के साथ पुष्पा देवी और ललिता देवी पशुओं के लिए चारा काट रही थी तभी खूंखार तेंदुए ने पुष्पा देवी पर पीछे से हाथ लगाकर हमला कर दिया। जब खूंखार तेंदुआ हमला कर दे तो अच्छे खासे आदमी की सिट्टी पिट्टी गुम हो जाती है लेकिन पुष्पा देवी ने हार नहीं मानी। पुष्पा देवी भी खूंखार तेंदुए से गिर गई। इस बीच ललिता देवी और कुंती देवी ने पुष्पा देवी के चिल्लाने की आवाज सुनी तो दादी और हाथ में लकड़ी लेकर मौके की तरफ भाग गई। उन्होंने भी आव देखा न ताव और तेंदुए पर दनादन वार करने शुरू कर दिए। आगे पढ़िए

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क्या आप सोच सकते हैं कि यह लड़ाई करीब 10 मिनट तक चली है। 10 मिनट तक चली इस लड़ाई में आखिरकार तेंदुए को वहां से भागने पर मजबूर होना पड़ा। इसके बाद कुंती देवी और ललिता देवी ने मौका नहीं गंवाया और पुष्पा देवी को सड़क तक ले आई। तुरंत ही पुष्पा देवी को जिला अस्पताल पहुंचाया गया। डॉक्टर का कहना है कि पुष्पा देवी की हालत में सुधार हो रहा है। उन्होंने कहा कि अगर पुष्पा देवी को वक्त पर अस्पताल नहीं ले जाया जाता तो मामला गंभीर हो सकता था। वास्तव में हमारे पहाड़ में आज भी ऐसी महिलाएं मौजूद है जिनके आगे बड़ी से बड़ी मुश्किल है घुटने टेक देती है। उधर खतीगांव के लोगों का कहना है कि तेंदुए की आहट बढ़ने से लोग दहशत में है और जल्द से जल्द इससे निजात दिलाई जाए। उधर पिथौरागढ़ वन क्षेत्राधिकारी का कहना है कि तेंदुए के हमले में जो महिला घायल हुई हैं उन्हें मुआवजा दिलाया जाएगा।