ऋषिकेश एम्स का कर्मचारी कैसे हुआ कोरोना पॉजिटिव? ये जानकर आपको भी हैरानी होगी

हर किसी के मन में यही सवाल है कि आखिर नर्सिंग अधिकारी तक कोरोना वायरस संक्रमण पहुंचा कैसे? इस कर्मचारी की कोई ट्रैवल हिस्ट्री नहीं है। एम्स में कोई कोरोना पॉजिटिव मरीज भी नहीं है। ना ही यहां ओपीडी में परीक्षण के बाद कोई मरीज कोरोना पॉजिटिव मिला है...
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Coronavirus in Uttarakhand: This is how coronavirus detected in rishikesh aiims nursing officer
Image: This is how coronavirus detected in rishikesh aiims nursing officer

ऋषिकेश: कोरोना का कहर फिलहाल थमता नजर नहीं आ रहा। उत्तराखंड में कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या 48 से बढ़कर 50 हो गई है। रविवार को यहां दो और मरीजों में कोरोना संक्रमण की पुष्टि हुई। ऋषिकेश एम्स में कार्यरत नर्सिंग अधिकारी की कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव पाई गई। जिसके बाद एम्स के यूरोलॉजी आईपीडी ब्लॉक को सील कर दिया गया। यहां भर्ती सभी मरीजों को क्वारेंटाइन किया गया है। यूरोलॉजी की इस आईपीडी में कार्यरत कर्मचारी के संपर्क में 6 डॉक्टरों के अलावा 22 हेल्थ वर्कर्स आए थे, इन सभी के सैंपल जांच के लिए भेजे गए हैं। इस वक्त एक और सवाल है जो कि एम्स के डॉक्टरों-अधिकारियों को परेशान किए हुए है। हर किसी के मन में यही सवाल है कि आखिर नर्सिंग अधिकारी तक कोरोना वायरस संक्रमण पहुंचा कैसे। कोरोना पॉजिटिव मिले कर्मचारी की कोई ट्रैवल हिस्ट्री नहीं है। एम्स में कोई कोरोना पॉजिटिव मरीज भी नहीं है। ना ही यहां ओपीडी में परीक्षण के बाद कोई व्यक्ति कोरोना पॉजिटिव मिला है।

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कोरोना पॉजिटिव मिला कर्मचारी नियमित तौर पर ड्यूटी पर आ रहा था। ऐसे में कर्मचारी और कोरोना संक्रमण की कड़ियों को जोड़ना एम्स और प्रशासन के सामने बड़ी चुनौती है। एसडीएम प्रेमलाल ने बताया कि यह कर्मचारी पिछले एक महीने में ड्यूटी के अलावा कहीं बाहर नहीं गया। ऋषिकेश एम्स परिसर में कोई कोरोना संक्रमित मरीज भी भर्ती नहीं है। ऐसे में हो सकता है कि किसी मरीज से मिलने वाला कोई विजिटर कोरोना संक्रमित रहा हो, जिससे एम्स कर्मचारी तक संक्रमण पहुंच गया हो। एम्स के सीनियर डॉक्टर का भी कहना है कि कोरोना कैरियर की वजह से नर्सिंग अफसर को कोरोना संक्रमण हुआ। फिलहाल मरीजों और उनसे मिलने वालों के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है। सभी मरीजों को ऋषिकेश के इंद्रमणी बडोनी चौक स्थित जीएमवीएन के गेस्ट हाउस में क्वारेंटाइन किया गया है। जांच रिपोर्ट मिलने तक सभी लोग यहीं रहेंगे। एम्स कर्मचारी में कोरोना संक्रमण की पुष्टि होने के बाद ऋषिकेश के मुनि की रेती और स्वर्गाश्रण जैसे इलाकों में भी पाबंदी बढ़ा दी गई है।

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