उत्तराखंड: एक कमरे में मिले गुलदार के तीन शावक, गांव में हड़कंप

नैनीताल स्थित रामनगर के कानिया गांव में एक खंडहर के कमरे में अंदर गुलदार के तीन शावकों के मिलने के बाद गांव में हड़कंप मच गया। वन विभाग को तुरंत ही इस बात की जानकारी दी गई।
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Nainital News: three cubs of leopard cubs found in ramnagar nainital
Image: three cubs of leopard cubs found in ramnagar nainital

रामनगर: लॉकडाउन के कारण सभी मनुष्य अपने-अपने घरों के अंदर कैद हो रखे हैं और जानवर बेखौफ खुलेआम बाहर घूम रहे हैं। उत्तराखंड में जानवरों के बाहर खुले घूमने की खबरें आजकल खूब पढ़ने को मिल रही होंगी। कई जानवर मनुष्यों के लिए घातक साबित हो रहे हैं ऐसे में लोगों के दिलों में डर बैठ रखा है। वाहनों और मनुष्यों की आवाजाही बन्द होने से वन्यजीव जंगलों से बाहर निकल रहे हैं और मनुष्य की बस्तियों की तरफ जा रहे हैं। इन दिनों गुलदारों का दबदबा भी मनुष्य बस्तियों की तरफ देखने को मिल रहा है। ऐसी ही एक खबर रामनगर से आई है। रामनगर के कानिया गांव में एक खंडहर के अंदर से गुलदार के तीन शावकों के मिलने के बाद ग्रामीणों के बीच कोहराम मच गया। फिलहाल वन विभाग के चिकित्सकों द्वारा तीनों शावकों का स्वास्थ परीक्षण हुआ जिसमें तीनों स्वस्थ पाए गए। आगे पढ़िए..

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प्राप्त जानकारी के अनुसार कॉर्बेट नेशनल पार्क के बिजरानी रेंज के अंतर्गत आने वाले कानिया गांव में स्थित पुरानी हिल्ट्रान बिल्डिंग के खंडहर में कुछ ग्रामीणों ने गुलदार के दो नन्हे शावक देखे। तीसरा शावक पास ही के एक सूखे टैंक में गिरा हुआ था जिसके बाद उसे वहां से निकाला गया। गुलदार के शावकों को देख कर ग्रामीणों के होश उड़ गए। उन्होंने तुरंत वन विभाग को फोन किया और घटना की जानकारी दी। सूचना मिलते ही कॉर्बेट टाइगर रिजर्व के वार्डन आरके तिवारी, रेंजर राजकुमार और पशु चिकित्सक मौके पर पहुंचे। तीनों शावकों की स्वास्थ्य जांच हुई जिसके बाद उनको उसी स्थान पर छोड़ दिया गया है।शावकों का जन्म हाल ही में कुछ सप्ताह पूर्व हुआ है। एसडीओ आरके तिवारी ने बताया कि शावकों को वहीं पर छोड़ दिया गया है ताकि रात में उनकी मां उनको साथ लेकर जा सके। आगे पढ़िए..

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आपको बता दें कि मौके पर कैमरा ट्रैप लगा कर आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। रेंज अधिकारी राजकुमार ने बताया कि शावकों के ऊपर निगरानी के लिए सीसीटीवी कैमरे भी लगाए गए हैं और वहां कर्मचारियों को भी तैनात किया गया है। वहां आसपास खोजबीन करने के बाद भी कोई नर या मादा गुलदार नहीं मिला है। कानिया गांव में लोगों के बीच कोहराम मचा हुआ है और लोग बेहद डरे हुए हैं। वहीं गांव के प्रधान सुरेश घुग्तियाल का कहना है कि वन विभाग को पहले भी कई बार क्षेत्र में गुलदार देखे जाने की सूचना दी गई है मगर वन विभाग के द्वारा जरा भी गम्भीरता नहीं दिखाई गई है। कानिया गांव में गुलदार कई मवेशियों को अपना शिकार बना चुका है, ऐसे में वन विभाग को कड़े कदम उठाने चाहिए।