उत्तराखंड: नम आंखों से CRPF जवान की अंतिम विदाई, 29 साल की उम्र में की खुदकुशी

29 साल के दीपक कुमार ताड़ीखेत ब्लॉक के कोटुली गांव के रहने वाले थे। साल 2014 में वो सीआरपीएफ मे भर्ती हुए। पिता की पहले ही मौत हो चुकी थी। परिवार को उनसे ढेरों उम्मीदें थीं, पर दीपक उम्मीद का हर दीया बुझाकर चले गए...
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CRPF jawan Deepak Kumar: Crpf jawan deepak kumar shot himself in garhchiroli
Image: Crpf jawan deepak kumar shot himself in garhchiroli

अल्मोड़ा: महाराष्ट्र मे एक जगह है गढ़चिरौली। नक्सल प्रभावित इस क्षेत्र से सोमवार को उत्तराखंड के लिए एक बुरी खबर आई। यहां तैनात सीआरपीएफ के जवान ने राइफल से खुद को गोली मार कर आत्महत्या कर ली। आत्महत्या करने वाला जवान उत्तराखंड के अल्मोड़ा का रहने वाला था। मंगलवार को जवान का उसके पैतृक गांव में अंतिम संस्कार हुआ। मरने वाले जवान का नाम दीपक कुमार है। 29 साल के दीपक कुमार ताड़ीखेत ब्लॉक के कोटुली गांव के रहने वाले थे। साल 2014 में वो सीआरपीएफ मे भर्ती हुए थे। पिता की पहले ही मौत हो चुकी थी। परिवार को उनसे ढेरों उम्मीदें थीं, पर दीपक उम्मीद का हर दीया बुझाकर चले गए। इस वक्त दीपक की ड्यूटी नक्सल प्रभावित गढ़चिरौली के लाहिरी कैंप में थी। दो साल पहले ही उनकी शादी हुई थी। पत्नी भावना सुनियकोट गांव की प्रधान है। जब से दीपक की मौत की खबर मिली है, पूरे गांव में मातम पसरा है। पत्नी रो-रोकर बेसुध हो गई है। दीपक की मौत अपने पीछे कई सवाल छोड़ गई है, जिनका जवाब अब तक नहीं मिल सका है।

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हर किसी के मन को यही सवाल कचोट रहा है कि आखिर ऐसी कौन सी वजह थी, जिसने दीपक को आत्मघाती कदम उठाने पर मजबूर किया। दीपक के परिजनों ने बताया कि पिछले डेढ़ महीने से उनका स्वास्थ्य खराब चल रहा था, लेकिन कोई गंभीर बात नहीं थी। बीती 27 अप्रैल की सुबह तक सब कुछ ठीक लग रहा था। खुदकुशी से पहले दीपक ने पत्नी भावना से सुबह फोन पर बात की। कहा कि उसकी सेहत में सुधार हो रहा है। 11 बजे दीपक ने फिर फोन किया और कहा कि वो खाना खाकर ड्यूटी पर जाने वाले हैं। बस इसके बाद दीपक की आवाज किसी ने नहीं सुनी, हां दोपहर बाद उनके साथ हुई अनहोनी की खबर जरूर आई। दोपहर मे कैंप में ड्यूटी के दौरान दीपक ने खुद को राइफल से गोली मार ली। पोस्टमार्टम के बाद दीपक के शव को सीआरपीएफ मुख्यालय से बरेली पहुंचाया गया। देर रात सीआरपीएफ के छह जवान शव को काठगोदाम से कोटुली गांव लेकर आए। पार्थिव शरीर गांव पहुंचा तो वहां कोहराम मच गया। मंगलवार को काकड़ी घाट धाम में जवान दीपक कुमार को अंतिम विदाई दी गई।