ऋषिकेश एम्स में तीन दिनों के भीतर कोरोना संक्रमण के 4 मामले मिलने के बाद से हड़कंप मचा है। यहां ड्यूटी करने वाले डॉक्टर, नर्सिंग स्टाफ और कर्मचारी फिलहाल अपने घर नहीं जाएंगे, इन्हें होटल में ठहराया जाएगा..
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कोमल नेगी
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Image: aiims rishikesh staff including doctors will stay in hotels
ऋषिकेश: ऋषिकेश का एम्स हॉस्पिटल पिछले 5 दिनों से लगातार सुर्खियों में है। इलाज के लिए नहीं, कोरोना पॉजिटिव केसेज के लिए। रविवार को यहां एक नर्सिंग ऑफिसर में कोरोना संक्रमण की पुष्टि हुई, इसके बाद तो कोरोना पॉजिटिव मरीजों के मिलने का सिलसिला सा चल पड़ा। यहां एक नर्सिंग ऑफिसर, नर्स, एक मरीज और तीमारदार में कोरोना संक्रमण की पुष्टि हुई है। तीन दिनों के भीतर यहां कोरोना संक्रमण के 4 मामले मिलने के बाद से हड़कंप मचा है। ऋषिकेश एम्स प्रशासन ने अतिरिक्त सतर्कता बरतना शुरू कर दिया है। जागरण की खबर के मुताबिक यहां ड्यूटी करने वाले डॉक्टर, नर्सिंग स्टाफ और कर्मचारी फिलहाल अपने घर नहीं जाएंगे। इन्हें होटल में ठहराया जाएगा। इसके लिए प्रशासन ने 8 होटल और एक आश्रम को चिन्हित किया है। प्रशासन ने एम्स में काम कर रहे फ्रंट लाइन वर्करों की सुरक्षा के लिए कई इंतजाम किए हैं। इनके रहने के लिए 8 होटल और एक आश्रम चिन्हित करने के साथ ही क्वारेंटीन सेंटर के रूप में सीमा डेंटल कॉलेज और जीएमवीएन गेस्ट हाउस का चुनाव किया गया है।
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एम्स के डॉक्टर्स-कर्मचारियों को होटल नटराज, होटल अमेरिस, नीरज भवन, होटल गंगा किनारे, होटल गंगा व्यू, होटल सुरुचि और होटल बसेरा में ठहराया जाएगा। इसके अलावा होटल कैलाश गंगा और जयराम आश्रम में भी स्वास्थ्यकर्मियों के रहने के इंतजाम किए गए हैं। एम्स ऋषिकेश में कार्यरत सभी कर्मचारियों को ए, बी और सी कैटेगरी में बांटा गया है। उसी के अनुसार इनके लिए होटल में ठहरने की व्यवस्था की गई है। क्वारेंटीन सेंटर के तौर पर जीएमवीएन गेस्ट हाउस, भरत भूमि और सीमा डेंटल कॉलेज के 231 कमरे रिजर्व किए गए हैं। फिलहाल एम्स हॉस्पिटल में सिर्फ इमरजेंसी सेवाएं ही बहाल रहेंगी।