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भीड़ से दूर, स्वर्ग के सबसे पास – केदार हिमालय के Hidden Treks
बुग्याल, हिमालयी वन और बर्फीली चोटियों का अद्भुत नज़ारा। आध्यात्म, रोमांच और एकांत का अनोखा संगम।
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रुद्रप्रयाग: केदारनाथ बाबा के कपाट इस वर्ष भी निर्धारित तिथि, 29 अप्रैल को खुले, मगर परिस्थितियां बेहद अलग थीं। हर वर्ष परम्परागत तरीके से श्रध्दालुओं के बीच बाबा केदारनाथ के कपाट खोले जाते हैं मगर इस बार कपाट खोलने के दौरान वहां केवल समिति के सदस्य मौजूद थे। कोरोना के चलते लगे लॉकडाउन के कारण भक्तों के मंदिर जाने में रोक लगाई गई है। इसी बीच केदारनाथ धाम से वीडियो खूब वायरल हो रही है जिसमें केदारनाथ धाम के रावल भीमाशंकर लिंग गर्भगृह की पूजा-अर्चना करते हुए दिख रहे हैं। वीडियो देखने के बाद श्रद्धालुओं के बीच नाराजगी देखने को मिल रही है और वो इस चीज का विरोध कर रहे हैं। बता दें कि गर्भ दर्शन के दौरान फोटो और वीडियो लेना पूर्ण रूप से वर्जित है। यहां तक कि यात्रा के दौरान तीर्थयात्रियों को गर्भ गृह के अंदर मोबाइल फोन ले जाने की सख्त मनाही होती है। ऐसे में सवाल यह उठता है कि मंदिर समिति और प्रशासन से इतनी बड़ी गलती कैसे हो गई। लोगों की बाबा केदार में अपार श्रद्धा है। इस बार लॉकडाउन के कारण श्रध्दालु बाबा केदार के दर्शन अभी तक नहीं कर पाए हैं।