उत्तराखंड में शराब के शौकीनों को तगड़ा झटका, यहां 15 तारीख से बंद होंगे ठेके !

शराब के ठेके खुलने की खुशी ज्यादा दिन तक नहीं टिकने वाली। सूत्रों की मानें तो 15 मई से शराब के ठेके एक बार फिर बंद होने वाले हैं। इस जिले के ठेका संचालकों ने हड़ताल पर जाने का मन बना लिया है....
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Liquor contract operators uttarakhand: Liquor contracts may be closed in Udham Singh Nagar
Image: Liquor contracts may be closed in Udham Singh Nagar

उधमसिंह नगर: उत्तराखंड में शराब के शौकीनों के लिए एक जरूरी खबर। शराब के ठेके खुलने की खुशी ज्यादा दिन तक टिकने नहीं वाली। सूत्रों की मानें तो 15 मई से शराब के ठेके एक बार फिर बंद होने वाले हैं। शराब ठेका संचालकों ने हड़ताल पर जाने का मन बना लिया है। इसकी वजह भी बताते हैं। 7 मई से राज्य सरकार ने शराब के विभिन्न ब्रांड में बीस रुपये से लेकर 500 रुपये तक का हेल्थ केयर टैक्स लगाया है। ये फैसला कोविड-19 के चलते हुए लॉकडाउन से राज्य को पहुंचे नुकसान की भरपाई के लिए लिया गया था, लेकिन लग रहा है कि यही फैसला सरकार की मुश्किलें बढ़ा सकता है। खबर उधम सिंह नगर जिले से..जहां शराब व्यापारी प्रदेश सरकार की शराब नीति से परेशान हैं। खासकर कोविड-19 टैक्स उन्हें कतई रास नहीं आ रहा। आगे पढ़िए

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ऊधमसिंहनगर जिले में शराब व्यापारियों ने डीएम को दिए ज्ञापन में शराब का अधिभार कम करने की मांग की। ऐसा ना होने पर उन्होंने 15 मई से शराब ठेके बंद करने का ऐलान भी किया है। शराब व्यापारियों का दर्द भी आपको जरूर जानना चाहिए। व्यापारियों ने कहा कि बीते 19 मार्च को लॉटरी सिस्टम से शराब की दुकानें आवंटित की गई थीं। अप्रैल से दुकानें खुलनी थीं, लेकिन लॉकडाउन के चलते ऐसा हो नहीं सका। दुकानें 4 मई से खुलीं। सीमाएं सील हैं, फैक्ट्रियां बंद हैं, मांगलिक कार्य नहीं हो रहे, जिसके चलते उन्हें पहले ही काफी नुकसान उठाना पड़ रहा है। दुकान आवंटित करते वक्त उन्हें नए टैक्स के बारे में नहीं बताया गया था। नए टैक्स की वजह से शराब की बिक्री प्रभावित हो रही है, ऐसे में वो टैक्स देने में असमर्थ हैं। शराब व्यापारियों ने सरकार से पंजाब सरकार और यूपी सरकार की तरह कोटा प्रणाली को खत्म करने की मांग भी की। व्यापारियों ने कहा कि अगर उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं तो वो 15 मई से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले जाएंगे।