गढ़वाल: घास काटने गई महिलाओं पर झपटा भालू..दो की हालत गंभीर

पौड़ी में भालू के हमले की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। मार्च में यहां भालू के हमले में 5 महिलाएं घायल हो गई थीं। पिछले महीने थलीसैंण में भी भालू के हमले की घटना सामने आई थी, ताजा मामला कोट विकासखंड का है...
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Pauri Garhwal: Pauri Garhwal bears attack on women
Image: Pauri Garhwal bears attack on women

पौड़ी गढ़वाल: पहाड़ की जिंदगी, पहाड़ जैसी कठिन है। उत्तराखंड के पर्वतीय अंचलों में जंगली जानवर दशहत का सबब बने हुए हैं। गुलदार के साथ-साथ अब भालू भी इंसानों पर हमला करने लगे हैं। मामला पौड़ी जिले का है, जहां भालू के हमले में दो महिलाएं घायल हो गईं। घटना के वक्त दोनों महिलाएं जंगल में घास लेने गईं थीं। इसी दौरान घात लगाए भालू ने महिलाओं पर हमला कर दिया। आइए अब पूरा मामला बताते हैं। कोट विकासखंड के पीपलकोटी बिरसणी गांव में पिंकी देवी और कुसुमलता देवी का परिवार रहता है। रविवार सुबह साढ़े 8 बजे पिंकी देवी और कुसुमलता देवी अपनी एक और साथी के साथ घास लेने के लिए जंगल गई हुईं थी। तीनों घास काट रहीं थीं कि तभी भालू ने इन पर हमला कर दिया। हमले में पिंकी देवी और कुसुमलता बुरी तरह घायल हो गईं। महिलाओं का शोर सुनकर स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे और दोनों को तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया।

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समय पर इलाज मिलने से पिंकी देवी और कुसुमलता की जान बच गई। दोनों की हालत खतरे से बाहर है। पिंकी के हाथ में चोटें आई हैं, जबकि कुसुमलता का चेहरा और पैर जख्मी हुए हैं। भालू के हमले की बढ़ती घटनाओं से लोग डरे हुए हैं। ग्रामीणों ने वन विभाग से घायलों के परिवार को मुआवजा देने की मांग की। साथ ही भालू पकड़ने के लिए पिंजरा लगाने को भी कहा। ग्रामीणों ने कहा कि इलाके में भालू के हमले की घटनाएं लगातार हो रही हैं। वन विभाग को क्षेत्र में गश्त बढ़ानी चाहिए। वहीं वन क्षेत्राधिकारी पौड़ी अनिल भट्ट ने बताया कि शुरुआती जांच से लगता है कि भालू हिंसक नहीं है, उसने महिलाओं को अचानक पास आते देख हमला किया होगा। आपको बता दें कि पौड़ी के ही कोटा गांव में मार्च में भालू ने घास काटने गई 5 महिलाओं पर हमला कर दिया था। हमले में दो महिलाएं गंभीर रूप से घायल हुई थीं, जिन्हें एयरलिफ्ट कर एम्स हॉस्पिटल पहुंचाना पड़ा था। पिछले महीने थलीसैंण ब्लॉक के बैराकुंड गांव में भी एक महिला भालू के हमले में घायल हो गई थी।