उत्तराखंड: रेड जोन घोषित हो सकते हैं ये 5 जिले..यहां कोरोना वायरस ने दिया रेड सिग्नल

शनिवार देर शाम नैनीताल में कोरोना के एक्टिव केस का आंकड़ा 200 पार कर गया। इसके साथ ही नैनीताल कोरोना के रेड जोन (Uttarakhand red zone) में शामिल हो गया है, हालांकि अभी जोनिंग की आधिकारिक घोषणा होना बाकी है...
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Uttarakhand Red Zone: Five district may enter in Uttarakhand red zone
Image: Five district may enter in Uttarakhand red zone

बागेश्वर: लॉकडाउन के चलते दूसरे राज्यों में फंसे प्रवासियों के उत्तराखंड लौटने का सिलसिला जारी है। प्रवासियों की आमद के साथ ही उत्तराखंड में कोरोना संक्रमण के केस तेजी से बढ़े हैं। उधर कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक पहले ही कह चुके हैं कि उत्तराखंड में कुछ जिले कोरोना के रेड जोन घोषित हो सकते हैं। प्रवासियों के वापस लौटने के बाद प्रदेश का जो जिला कोरोना से सबसे ज्यादा प्रभावित हुआ है, वो है नैनीताल। शनिवार देर शाम यहां एक्टिव केस का आंकड़ा 200 पार कर गया। आंकड़ों के हिसाब तो नैनीताल कोरोना के रेड जोन की लाइन क्रॉस कर चुका है। हालांकि अभी जोनिंग की आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है और आखिरी फैसला सरकार को ही लेना है। ये तय माना जा सकता है कि नैनीताल कोरोना के रेड जोन में शामिल हो जाएगा। इसी तरह देहरादून जिला भी रेड जोन बनने की तरफ बढ़ चला है। संक्रमण दर को देखें तो टिहरी ने रेड जोन की कैटेगरी छू ली है। अल्मोड़ा और बागेश्वर भी रेड जोन के करीब पहुंच रहे हैं। जोन का निर्धारण कैसे किया जाता है, ये भी बताते हैं। इसके लिए एक्टिव केस, प्रति लाख जनसंख्या पर एक्टिव केस और मृत्यु दर जैसे 6 पैरामीटर बने हैं। जिस भी जिले में तीन मानक रेड श्रेणी में आएं तो उसे रेड जोन मान लिया जाता है। आगे भी पढ़िए

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जोनिंग में संक्रमण का डबलिंग रेट भी चेक किया जाता है। अगर किसी क्षेत्र का डबलिंग रेट 14 दिन से कम है तो वो रेड जोन माना जाएगा। जिस क्षेत्र में कोरोना के एक्टिव केस 200 से ज्यादा हों, प्रति लाख जनसंख्या पर एक्टिव केस 15 से ज्यादा हों, सैंपलिंग में पॉजिटिव की दर छह फीसदी से ज्यादा हो, केस डबल होने की दर 14 दिन से कम हो, कोरोना से मृत्यु दर 06 से ज्यादा हो तो वो क्षेत्र कोरोना का रेड जोन घोषित कर दिया जाता है। इस समय प्रदेश में डबलिंग की दर 5.32 दिन पर आ गई है। टिहरी जिले में संक्रमण की दर रेड जोन के पैरामीटर से भी ऊपर चली गई है। प्रदेश के चार जिले ऐसे हैं जो रेड जोन के करीब खड़े हैं। देहरादून भी मृत्युदर के हिसाब से खतरे के लाल निशान के करीब पहुंच गया है। बात करें प्रति लाख जनसंख्या में एक्टिव केस की तो नैनीताल जिले को छोड़कर दूसरे जिले खतरे से दूर हैं। प्रति लाख जनसंख्या पर एक्टिव केस के मामले में नैनीताल जिला रेड जोन के ज्यादा करीब पहुंच चुका है, इसी के साथ देहरादून और पिथौरागढ़ भी खतरे के करीब हैं। आपको बता दें कि उत्तराखंड में कोरोना पॉजिटिव मरीजों की संख्या 749 पहुंच गई है। वहीं स्वस्थ होने वालों की कुल संख्या 102 है।