पहाड़ से दुखद खबर..होम क्वारेंटाइन में रह रहे बुजुर्ग की मौत, पॉजिटिव आई कोरोना रिपोर्ट

रेड जोन दिल्ली से अल्मोड़ा वापस पहुंचे एक बुजुर्ग की होम क्वारंटाइन के दौरान मृत्यु हो गई जिसके बाद उनका कोरोना टेस्ट किया किया और जांच में पॉजिटिव पाए गए। यह अल्मोड़ा में कोरोना से पहली मौत है।
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Almora coronavirus: Almora home quarantine old man died
Image: Almora home quarantine old man died

अल्मोड़ा: अल्मोड़ा से एक दिल दहला देने वाली खबर आई है। रेड जोन घोषित हो चुके दिल्ली से पहाड़ की ओर लौटे बुजुर्ग की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के 6 दिन बाद उनके अंदर कोरोना वायरस की पुष्टि हुई है। इस खुलासे के बाद परिवार में हड़कंप मच गया। बता दें कि बुजुर्ग दिल्ली से हल्द्वानी 21 मई को लौटे थे और होम क्वारंटाइन हो रखे थे। होम क्वारंटाइन के दौरान उनकी तबियत खराब हुई और उनकी अस्पताल ले जाने के दौरान उनकी मृत्यु हो गई। जब उनका नमूना जांच के लिए गया तो उनकी रिपोर्ट पॉजिटिव आई। चलिए आपको पूरी घटना की विस्तारपूर्वक जानकारी देते हैं। तलाई गांव (स्याल्दे विकासखंड) के निवासी 73 वर्षीय नारायणराम अपने पुत्र जोगाराम के साथ बीते कुछ महीनों दिल्ली के विनोद नगर में रह रहे थे। फरवरी में उनकी आंखों का ऑपरेशन हुआ था। बीती 21 मई को वह रोडवेज बस से हल्द्वानी पहुंचे। नियमानुसार रास्ते में मोहन चौक में उनकी थर्मल स्क्रीनिंग हुई जिसमें उनके अंदर दमे के लक्षण दिखाई दिए मगर उसके बाद भी उनको होम क्वारंटाइन होने के निर्देश देकर घर भेज दिया गया।

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होम क्वारंटाइन के दौरान बीती 29 मई को उनकी सांस चढ़ी और उनकी खांसी भी बढ़ गई। घर में मौजूद उनके बेटे देवेंद्र ने पिता के लिए दवा का इंतजाम किया मगर रात को उनकी तबियत और ज्यादा बिगड़ गई। शुक्रवार की सुबह इसकी सूचना प्रशासन को दी गई। आनन-फानन में वाहन द्वारा बुजुर्ग को भिकियासैंण ले जाया जा रहा था मगर उन्होंने रास्ते में ही दम तोड़ दिया। अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने उनको मृत घोषित कर दिया। मृत्यु के पश्चात कोरोना संक्रमण की आशंका से मृत नारायणराम का नमूना जांच के लिए सुशीला तिवारी अस्पताल भेजा गया था। 6 दिन बाद बुजुर्ग की रिपोर्ट्स पॉजिटिव आईं जिसके बाद परिजनों के बीच में कोहराम मच गया। इसी के साथ एक बात और गौर करने लायक है वो ये कि जब 21 मई को मोहान चौकी में स्वास्थ्य परीक्षण के दौरान बुजुर्ग प्रवासी में कोरोना के लक्षण दिखे थे तब भी उनको सामान्य समझ कर गांव कैसे भेज दिया गया। यह प्रशासनिक व्यवस्था पर एक बड़ा सवाल है। अब उनके परिजनों के ऊपर भी संक्रमण का खतरा मंडरा रहा है।