उत्तराखंड: महाराष्ट्र से 4 लोग बिना बताए केदारनाथ के मुख्य पड़ाव तक पहुंच गए..आखिर कैसे?

इस खबर के बाद स्थानीय लोगों में गुस्सा है और शासन प्रशासन से सवाल पूछ रहे हैं कि आखिर ऐसा क्यों हुआ?
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People of Maharashtra in Gaurikund: Maharashtra people in kedarnath gaurikund
Image: Maharashtra people in kedarnath gaurikund

रुद्रप्रयाग: केदारनाथ यात्रा बंद है और अभी यात्रा को लेकर किसी भी तरह की गाइडलाइन जारी नहीं हुई है। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल है कि आखिर कैसे महाराष्ट्र से चार लोग केदारनाथ धाम के मुख्य पड़ाव गौरीकुंड पहुंच गए? हैरानी की बात यह है कि ना तो रास्ते में कहीं चेकिंग हुई और ना ही इनसे कुछ पूछताछ हुई? इस खबर के बाद स्थानीय लोगों में गुस्सा है और शासन प्रशासन से सवाल पूछ रहे हैं कि आखिर ऐसा क्यों हुआ? उत्तराखंड सरकार की गाइडलाइन कहती है कि अगर बाहर के राज्य से कोई व्यक्ति आता है तो उसे 14 दिन क्वॉरेंटाइन होना पड़ेगा लेकिन यहां तो ऐसा कुछ भी नहीं दिखा। लोगों ने इस मामले में जरूरी कार्रवाई करने का अनुरोध किया है। सवाल यह भी तो है कि आखिर उत्तराखंड में ये हो क्या रहा है? आगे पढ़िए

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रुद्रप्रयाग की जिलाधिकारी वंदना को भी इस बात की खबर नहीं थी? आखिर महाराष्ट्र से चार लोग कैसे गौरीकुंड पहुंच गए? बताया जा रहा है कि महाराष्ट्र से आए चारों लोगों के पास इसी तरीके का पास भी नहीं था। व्यापार संघ गौरीकुंड के अध्यक्ष कुलानंद गोस्वामी द्वारा इस मामले में प्रशासन से आवश्यक कार्यवाही करने का अनुरोध किया गया है। 8 जून से सरकार चार धाम यात्रा भी शुरू करवाने जा रही है। सवाल यह है कि क्या इससे भी बड़ा खतरा पैदा नहीं होगा? आपको बता दें कि केदारनाथ धाम के कपाट 29 अप्रैल को खोले दिए गए थे, लेकिन कोरोना संक्रमण के चलते अभी यात्रा पर प्रतिबंध लगा हुआ है। इसके चलते स्थानीय लोग भी बिना पास के गौरीकुंड से आगे नहीं जा पा रहे हैं।