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Best Hidden Treks in Kedar Himalaya for True Mountain Lovers
A chance to reconnect with nature and inner peace. Treks in Kedar Himalaya that stay with you for a lifetime.
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बागेश्वर: कोरोना संकट में गैर प्रांतों से घर लौटे प्रवासी अब गांव की माटी में रोजी-रोटी तलाश रहे हैं। ये एक अच्छा संकेत है। पलायन की वजह से जो गांव खाली हो गए थे, अब वहां रौनक दिखने लगी है। अब जरूरत है तो बस युवाओं को रोजगार के मौके देने की, ताकि वो पहाड़ में रहकर ही आजीविका कमा सकें। स्वावलंबन की ऐसी ही दिल छू लेने वाली एक तस्वीर बागेश्वर से सामने आई है। जहां पवन नाम का दिव्यांग युवक स्वरोजगार की मिसाल बन दूसरों के लिए प्रेरणा बन गया है। पवन ने गांव में सैलून खोला है, जिससे उन्हें अच्छी आमदनी हो रही है। कांडे कन्याल गांव में रहने वाला पवन एक पैर से दिव्यांग है। गांव के दूसरे युवकों की तरह वो भी शहर में नौकरी करता था। लॉकडाउन लगा तो पवन गांव में ही रह गया। उसके साथ के लोग भी शहर से घर लौटने लगे। इसी दौरान पवन को पता चला कि सैलून बंद होने की वजह से लोगों को हेयर कटिंग और शेविंग कराने में परेशानी हो रही है। पवन को हेयर कटिंग में पहले से रुचि थी, लेकिन इस हुनर को तराशने का कभी मौका नहीं मिला था। लॉकडाउन के चलते ये मौका पवन के पास आया और इस तरह पवन ने गांव के लोगों के मुफ्त में बाल काटने शुरू कर दिए। पवन का काम लोगों को पसंद आने लगा। आगे पढ़िए