जिन लोगों को अस्पताल से छुट्टी मिली है उनमें सतपाल महाराज के दोनों बेटे, दोनों बहुएं और पोता शामिल है। कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज और उनकी पत्नी पूर्व मंत्री अमृता रावत अब भी एम्स में भर्ती हैं..
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कोमल नेगी
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Image: satpal maharaj five family members discharged from aiims Rishikesh
ऋषिकेश: कोरोना संक्रमित पाए जाने के बाद ऋषिकेश एम्स में भर्ती राज्य के पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज के परिवार के पांच सदस्यों को एम्स हॉस्पिटल से डिस्चार्ज कर दिया गया है। जिन लोगों को अस्पताल से छुट्टी मिली है उनमें सतपाल महाराज के दोनों बेटे, दोनों बहुएं और पोता शामिल हैं। कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज और उनकी पत्नी पूर्व मंत्री अमृता रावत अभी एम्स में भर्ती हैं। एम्स प्रशासन ने बताया कि सतपाल महाराज के एक बेटे और पोते की रिपोर्ट नेगेटिव आई है। जबकि दोनों बहू और एक बेटे की रिपोर्ट पॉजिटिव है और ये सभी एसिंप्टोमेटिक हैं। पांचो सदस्यों को केंद्र सरकार की गाइड लाइन के तहत अस्पताल से छुट्टी मिल गई है, लेकिन परिवार के तीन सदस्यों को होम क्वारेंटीन रहना होगा। महाराज की दो बहू और एक बेटे की रिपोर्ट पॉजिटिव है, जो कि अब होम क्वारेंटीन रहेंगे। डॉक्टरों की टीम संक्रमित सदस्यों के स्वास्थ्य पर लगातार नजर रखेगी।
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आपको बता दें कि कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज क्वारेंटीन नियमों की अनदेखी के लिए चौतरफा आलोचना झेल रहे हैं। मामले में राजनीति भी खूब हो रही है। विपक्ष ने राज्य सरकार से सतपाल महाराज के खिलाफ कार्रवाई के साथ ही नैतिकता के आधार पर इस्तीफा देने तक की मांग की है। उधर नैनीताल हाईकोर्ट ने भी राज्य सरकार से पूछा है कि जब क्वारेंटीन नियमों का उल्लंघन करने वाले आम लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है, तो संवैधानिक पदों पर बैठे लोगों के खिलाफ अब तक कार्रवाई क्यों नहीं की गई। बता दें कि 30 मई को कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज की पत्नी अमृता रावत कोरोना पॉजिटिव पाई गईं थीं। अगले ही दिन कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज, उनका पूरा परिवार और घर में काम करने वाले 17 कर्मचारी भी कोरोना पॉजिटिव मिले। प्रशासन ने सतपाल महाराज को होम क्वारेंटीन रहने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन उन्होंने नियमों की लगातार अनदेखी की। जिसका नतीजा सबके सामने है। इसे लेकर विपक्ष ने राज्य सरकार को कठघरे में खड़ा कर दिया है।