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Triyuginarayan - World’s Most Divine Wedding Destination
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हल्द्वानी: हल्द्वानी के रहने वाले सूबेदार यमुना प्रसाद पनेरू कुपवाड़ा में पेट्रोलिंग के दौरान शहीद हो गए। नम आंखों के बीच उन्हें आखिरी विदाई दी गई। अब बस उनकी यादें ही बची हैं। सूबेदार यमुना प्रसाद पनेरू की शहादत से पूरा पहाड़ शोक में डूबा है। उत्तराखंड के इस जांबाज लाल को पर्वतारोहण से गहरा लगाव था। वो रिटायर होने के बाद भी पर्वतारोहण से जुड़े रहना चाहते थे, लेकिन अफसोस की उनका ये सपना पूरा ना हो सका। यमुना प्रसाद पनेरू पहाड़ के युवाओं को पर्वतारोहण के लिए तैयार कर कुशल पर्वतारोही बनाना चाहते थे। इसके लिए वो एक ट्रेनिंग सेंटर भी खोलना चाहते थे। सेना में रहने के दौरान उन्होंने पर्वतारोहण में कई उपलब्धियां हासिल की। साल 2012 में उन्हें दुनिया की सबसे ऊंची चोटी एवरेस्ट पर तिरंगा फहराने का मौका मिला। इसके बाद कंचनजंघा और नंदादेवी पर भी उन्होंने तिरंगा फहराया। पर्वतारोहण की उनकी कुशल क्षमता को देखते हुए 2013 में सेना ने उन्हें दार्जिलिंग स्थित हिमालयन माउंटेनियरिंग संस्थान में बतौर प्रशिक्षक नियुक्त किया।