ई-पास संबंधी फॉर्म भरते वक्त गलत जानकारी ना दें। ऐसी गलती करते पकड़े गए तो बाद में बहुत पछताना पड़ेगा, केस दर्ज होगा सो अलग। पिथौरागढ़ के रहने वाले एक युवक के साथ भी यही हुआ...आगे पढ़िए पूरी खबर
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कोमल नेगी
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Image: Youth in Pithoragarh gave wrong information to police
पिथौरागढ़: उत्तराखंड में दूसरे राज्यों से लौटने वाले प्रवासियों के लिए ई-पास की अनिवार्यता लागू की गई है। अगर आप भी उत्तराखंड लौटने की प्लानिंग कर रहे हैं तो ई-पास बनवाने को महज एक फॉर्मेलिटी ना समझें। ई-पास संबंधी फॉर्म भरते वक्त गलत जानकारी ना दें। ऐसी गलती करते पकड़े गए तो बाद में बहुत पछताना पड़ सकता है, केस दर्ज होगा सो अलग। पिथौरागढ़ के रहने वाले एक युवक के साथ भी यही हुआ। युवक ने ई-पास बनवाते वक्त कई जानकारियां छिपाईं थीं। खैर इस ई-पास के जरिए युवक किसी तरह घर पहुंच तो गया, लेकिन थोड़े ही वक्त बाद उसकी चालाकी पकड़ी गई। जिसके बाद युवक के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। दरअसल ई-पास बनवाते वक्त युवक ने बताया था कि वो यूपी के गाजियाबाद से आया है। जिसके बाद उसे होम क्वारेंटीन किया गया था।
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कुछ दिन बाद युवक की तबीयत बिगड़ गई। उसे बुखार, जुकाम और खांसी की शिकायत हुई। सांस लेने में तकलीफ भी होने लगी। तब युवक को जिला अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड में एडमिट कराया गया। उसका सैंपल लेकर कोरोना जांच के लिए भेजा गया। अस्पताल में जब पुलिस ने युवक की ट्रैवल हिस्ट्री खंगाली तो युवक के झूठ की कलई खुल गई। जांच में पता चला कि युवक गौतमबुद्धनगर (नोएडा) में एक पीजी में रहता था और वहीं एक निजी कंपनी में काम करता है। नोएडा-गाजियाबाद के बीच ज्यादा दूरी नहीं है, ऐसे में आप भी सोच रहे होंगे कि युवक ने आखिर झूठ क्यों बोला। चलिए हम बताते हैं। दरअसल गाजियाबाद जिला ऑरेंज जोन में आता है और नोएडा रेड जोन में है। जो लोग रेड जोन से आ रहे हैं, उनके लिए फेसेलिटी क्वारेंटीन की अनिवार्यता लागू की गई है।
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युवक ने इसी से बचने के लिए ई-पास में सही जानकारी नहीं दी थी। अब उसके खिलाफ पुलिस ने जानकारी छिपाकर दूसरे लोगों का जीवन खतरे में डालने और उनको जान से मारने का प्रयास करने के आरोप में केस दर्ज किया है। युवक के खिलाफ आपदा प्रबंधन अधिनियम के तहत भी कार्रवाई की जाएगी। बाहर से लौट रहे कुछ प्रवासी संस्थागत क्वारेंटीन से बचने के लिए स्वास्थ्य विभाग और पुलिस को सही जानकारी नहीं दे रहे। ऐसे लोग अपने साथ-साथ दूसरों कि जिंदगी से भी खिलवाड़ कर रहे हैं। राज्य समीक्षा आपसे अपील करता है कि ऐसा ना करें। कोरोना संबंधी गाइड लाइन का पालन करें, दूसरों को भी ऐसा करने के लिए प्रेरित करें। ई-पास में गलत जानकारी देने पर संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।