क्षेत्र के व्यापारियों ने अगले कुछ दिन के लिए गांव में बाजार बंद रखने का फैसला लिया है। लॉकडाउन के दौरान अगर कोई दुकान खुली मिली, तो दुकानदार से व्यापार मंडल एक हजार रुपये जुर्माना वसूलेगा।
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Komal Negi
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Image: 3-day lockdown at Naugaon in Uttarkashi
उत्तरकाशी: उत्तराखंड के मैदानी जिलों के साथ-साथ पहाड़ी क्षेत्रों में भी कोरोना संक्रमण का खतरा बढ़ रहा है। सीमांत जिले उत्तरकाशी में कोरोना संक्रमण के नए मामले मिल रहे हैं। जिले में अब तक कोरोना संक्रमण के 149 केस मिले हैं। जिनमें से 91 लोग कोरोना को मात देने में सफल रहे। अभी यहां कोरोना के 57 एक्टिव केस हैं। प्रशासन कोरोना पर काबू पाने के लिए हर जतन कर रहा है। यहां जिला मुख्यालय में बाजार खुलने का समय सुबह 8 बजे से दोपहर 3 बजे तक किया गया है। 3 बजे के बाद बाजारों में सन्नाटा पसर जाता है। कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलों से व्यापारी भी चिंतित हैं। जिले के नौगांव क्षेत्र में भी खूब सख्ती बरती जा रही है। यहां 24 जुलाई से 26 जुलाई तक पूर्ण लॉकडाउन रहेगा। आगे भी पढ़िए इस बारे में कुछ खास बातें
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क्षेत्र के व्यापारियों ने एक बैठक में अगले कुछ दिन के लिए गांव में बाजार बंद रखने का फैसला लिया है। लॉकडाउन के दौरान अगर कोई दुकान खुली मिली, तो दुकानदार से व्यापार मंडल एक हजार रुपये जुर्माना वसूलेगा। 27 जुलाई से क्षेत्र में बाजार खुलेंगे, लेकिन बाजार खुलने के समय में परिवर्तन किया जाएगा। बाजार सुबह सात बजे से दोपहर 2 बजे तक खुलेगा। व्यापारियों ने कहा कि व्यापार में नुकसान बर्दाश्त किया जा सकता है, लेकिन समाज और क्षेत्र में कोरोना से होने वाले नुकसान को बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। नौगांव वाला रूल पुरोला क्षेत्र में भी लागू किया गया है। यहां बाजार खुलने और बंद करने के समय में बदलाव हुआ है।
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पुरोला में बाजार सुबह 8 बजे से दोपहर 2 बजे तक खुला रहेगा। पुरोला में अब तक कोरोना संक्रमण के दो केस मिल चुके हैं, जिससे लोगों की चिंता बढ़ गई है। जो लोग कोरोना पॉजिटिव पाए गए, उनकी कोई ट्रैवल हिस्ट्री नहीं है। यही वजह है कि स्थानीय व्यापारियों ने यहां बाजार खोलने के समय में बदलाव करने का फैसला लिया है। चिन्यालीसौड़ में ये व्यवस्था पहले से लागू है। कोरोना का संक्रमण कम करने और इसकी चेन तोड़ने के लिए उत्तरकाशी के व्यापारियों द्वारा किया जा रहा प्रयास सराहनीय है। इस तरह की सावधानियां बरत कर कोरोना संक्रमण को फैलने से रोका जा सकता है। कोरोना रोकथाम सिर्फ सरकार की जिम्मेदारी नहीं है। आम लोगों को भी इसमें सहभागिता निभानी होगी, तभी कोरोना को हराना संभव हो पाएगा।