Advertisement
Secret Himalayan Treks Near Kedarnath You’ve Never Heard Of
Trails once used by sages, locals, and shepherds. Ideal for travelers seeking silence over social media fame.
Example Ads Media
बागेश्वर: हाल ही में उत्तराखंड स्टेट बोर्ड का दसवीं और बारहवीं का रिजल्ट आया। बच्चों को बधाइयों के साथ ही उनके भविष्य के लिए शुभकामनाएं भी मिल रही हैं। मगर इसी बात का दूसरा पहलू भी है जो समाज में हर तरीके से नजरअंदाज किया जा रहा है। कई बच्चे ऐसे भी हैं जो परीक्षाओं में उत्तीर्ण नहीं हो पाए हैं। परीक्षा में फेल होने के बाद कितने ही बच्चे समाज में नाम खराब होने के डर से या उपहास बनने के डर से अपनी जिंदगी खत्म कर रहे हैं। और इसका दोषी बच्चे नहीं खुद समाज हैं। बदकिस्मती से उत्तराखंड की भी 3 छात्राओं ने बोर्ड परीक्षाओं में अनुत्तीर्ण होने के बाद अपनी जिंदगी खत्म करने का फैसला लिया और आत्महत्या कर जान दे दी। जागरण की खबर के मुताबिक तीनों छात्राएं कुमाऊं जिले की निवासी थीं। घटना के बाद से ही मृतक बच्चियों के घर मे कोहराम मचा हुआ है। दो छात्राएं बागेश्वर जिले की निवासी थीं. वहीं एक छात्रा पिथौरागढ़ जिले की निवासी थी। तीनों ने परीक्षा में फेल होने के बाद आत्महत्या का निर्णय लिया और दर्दनाक तरीके से अपनी जिंदगी समाप्त करदी। आगे पढ़िए