गढ़वाल: अनामिका पर हमला करने वाली मादा गुलदार कैद, गांव वालों ने ली चैन की सांस

वन अधिकारियों ने बताया की मादा गुलदार की उम्र करीब साढ़े तीन साल है। वो पूरी तरह स्वस्थ है। गुलदार को चिड़ियापुर रेस्क्यू सेंटर भेज दिया गया है।
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Pauri Garhwal Guldar: Female leopard caught in cage in Pauri Garhwal
Image: Female leopard caught in cage in Pauri Garhwal

पौड़ी गढ़वाल: कोटद्वार के घंडियाल मल्ला गांव के लोग अब राहत महसूस कर रहे हैं। बीती 17 जुलाई को जिस मादा गुलदार ने गांव में किशोरी पर हमला किया था, उसे वन विभाग ने पिंजरे में कैद कर लिया। गढ़वाल वन प्रभाग की पोखड़ा रेंज में आने वाले गांव घंडियाल मल्ला में लगाए गए पिंजरे में बीती रात मादा गुलदार फंस गई। वन अधिकारियों ने बताया की मादा गुलदार की उम्र करीब साढ़े तीन साल है। वो पूरी तरह स्वस्थ है। गुलदार को चिड़ियापुर रेस्क्यू सेंटर भेज दिया गया है। गुलदार के पकड़े जाने के बाद गांव के लोग सुकून की सांस ले रहे हैं, उनका डर कम हो गया है। बीती 17 जुलाई को मादा गुलदार ने अनामिका नाम की किशोरी पर हमला कर दिया था। अनामिका का परिवार बीरोंखाल ब्लॉक के थापला गांव में रहता है। घटना के दिन वो अपनी बुआ के घर आई हुई थी। 17 जुलाई को वो घर के आंगन की दीवार पर बैठी थी, कि तभी गुलदार ने अनामिका पर झपट्टा मारा, जिससे वो दीवार से आंगन में गिर गई। अनामिका अनहोनी का शिकार हो सकती थी, लेकिन खुशकिस्मती से घटना के वक्त परिजन वहीं मौजूद थे। आगे पढ़िए

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परिजनों ने शोर मचा दिया। जिससे गुलदार मौके से भाग गया। बाद में घायल अनामिका को परिजन पोखड़ा के अस्पताल लेकर पहुंचे। जहां इलाज के बाद उसे घर भेज दिया गया। गांव वाले गुलदार को पकड़ने की मांग कर रहे थे। शिकायत मिलने पर वन विभाग की टीम ने 20 जुलाई को घटनास्थल के पास पिंजरा लगा दिया था। गांव में कैमरा ट्रैप भी लगाए गए, जिनमें मादा गुलदार चार-पांच दिनों तक गांव के पास घूमती नजर आई। बीती रात मादा गुलदार पिंजरे में कैद हो गई। मादा गुलदार को चिड़ियापुर रेस्क्यू सेंटर भेजा गया है। मादा गुलदार के पकड़े जाने से ग्रामीण राहत महसूस कर रहे हैं, लेकिन उनका डर पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। ग्रामीणों ने कहा कि जिस दिन अनामिका पर हमला हुआ था, उस दिन मादा गुलदार के साथ दो शावक भी थे। शावक गांव के पास ही घूम रहे हैं। वहीं रेंज अधिकारी राखी जुयाल ने कहा कि फिलहाल वन विभाग की टीम गांव में ही रहेगी, कैमरा ट्रैप भी गांव में लगे रहेंगे, ताकि गुलदार की हर गतिविधि के बारे में पता चल सके।