उत्तराखंड: 12 साल के बच्चे पर गुलदार ने किया हमला, कुत्ते की वजह से बच पाई जान

उत्तराखंड के काशीपुर में राधेहरी पीजी कॉलेज परिसर में एक 12 वर्षीय बच्चे की जान एक कुत्ते ने तब बचाई जब घात लगाए बैठे तेंदुए ने बच्चे के ऊपर हमला कर दिया।
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Udham Singh Nagar News: Uttarakhad Guldar attacked child dog saved his life
Image: Uttarakhad Guldar attacked child dog saved his life

उधमसिंह नगर: उत्तराखंड में गुलदार का दबदबा अभी जारी है। खासकर की पहाड़ी क्षेत्रों में तो गुलदार की आवाजाही और खुलेआम घूमने से लोगों को खासा परेशानी होती है। गुलदार उत्तराखंड में अब तक कई लोगों को अपना शिकार बना चुका है। कई लोगों के ऊपर जानलेवा हमला कर चुका है। लोगों के बीच में गुलदार की दहशत बरकरार है। पहले केवल रात में ही शिकार के लिए निकलने वाले गुलदार आजकल खुलेआम घूम रहे हैं और लोगों के ऊपर जानलेवा हमला कर रहे हैं। ऐसी ही एक दिल दहला देने वाली घटना काशीपुर से सामने आई है। काशीपुर में राधेहरी पीजी कॉलेज परिसर में तेंदुए के खुलेआम एक 12 वर्षीय बच्चे के ऊपर जानलेवा हमला करने बाद हड़कंप मच गया है। लेकिन एक कुत्ते की वजह से बालक की जान बच पाई आगे पढ़िए

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वह तो अच्छा हुआ कि हमले के दौरान एक कुत्ता बीच में आ गया जिसके बाद तेंदुए ने बच्चे को छोड़ दिया और वह कुत्ते के पीछे पड़ गया जिससे बालक बाल-बाल बच गया नहीं तो बहुत बड़ी अनहोनी हो जाती। हादसे के बाद से ही वहां पर हड़कंप मचा हुआ है। वन विभाग को तुरंत इस बारे में सूचित किया गया जिसके बाद वन विभाग की टीम ने कॉलेज परिसर में कैमरे लगा दिए हैं। तेंदुए की धमक के बाद से ही आसपास के क्षेत्र में दहशत का माहौल बना हुआ है। चलिए अब आपको पूरी घटना से अवगत कराते हैं। प्राप्त जानकारी के अनुसार बाजपुर रोड स्थित राधेहरी पीजी कॉलेज परिसर में प्रवक्ताओं सहित कई चतुर्थ श्रेणी के कर्मी रहते हैं। कॉलेज मैदान के आसपास झाड़ियों में 4 दिन से एक तेंदुआ देखा जा रहा है। वहां के कर्मियों ने वन विभाग को इसकी सूचना भी दी। वहीं बुधवार की शाम को चतुर्थ श्रेणी कर्मी दीपक पारसी का 12 वर्षीय पुत्र घर की ओर जा रहा था

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उसके घर के कुछ ही दूरी पर गुलदार झाड़ी के पीछे घात लगाए बैठा था। बच्चे को अकेला देखकर वह बच्चे के ऊपर झपटा जिसके बाद बच्चे के होश उड़ गए। लेकिन उसी बीच में खुशकिस्मती से एक कुत्ता आ गया जिसके बाद तेंदुए ने बच्चे की जान छोड़ कर कुत्ते का पीछा करना शुरू कर दिया। वहीं दीपक के बेटे ने डर के मारे शोर मचाते हुए घर की ओर दौड़ लगा दी। इसी बीच दूसरे चतुर्थ श्रेणी कर्मी के बेटे ने झाड़ियों में घात लगाए बैठे तेंदुए की फोटो खींच ली है। घटना के बाद से ही बच्चा बेहद डरा हुआ है और इलाके में दहशत का माहौल है। प्रवक्ता डॉक्टर महिपाल सिंह ने बताया कि कॉलेज परिसर में 4 दिनों से तेंदुआ घूम रहा है। वन विभाग को इस बात की सूचना भी दे दी गई थी लेकिन कोई भी तेंदुए को पकड़ने नहीं पहुंचा।वहीं रेंजर अभिलाष सक्सेना ने बताया कि खींची गई फोटो में तेंदुए की पहचान नहीं हो पा रही है। परिसर में वन्य जीव की पहचान करने के लिए और उसको पकड़ने के लिए दो कैमरे भी लगाए गए हैं और उसी के साथ वन विभाग टीम भी तैनात कर दी गई है।