उत्तराखंड में बाहरी राज्यों से आने वालों के लिए नई गाइडलाइन, 2 मिनट में पढ़िए 10 बड़ी बातें

उत्तराखंड में अनलॉक 3 को लेकर गाइडलाइन जारी कर दी गई है। बाहरी राज्यों से आने वाले लोगों के लिए भी कुछ खास बातें हैं...पढ़िए
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Uttarakhand Coronavirus: Guidelines for people coming from outside states in Uttarakhand
Image: Guidelines for people coming from outside states in Uttarakhand

देहरादून: उत्तराखंड में अनलॉक 3 को लेकर गाइडलाइन जारी कर दी गई है। इस गाइडलाइन की सबसे बड़ी बात यह है कि उत्तराखंड में नाइट कर्फ्यू खत्म कर दिया गया है। यानी अब रात में लोगों को पास की जरूरत नहीं होगी। उत्तराखंड में 2 शहरों से आने वाले लोगों पर खास नजर रहेगी। इसके लिए सरकार सतर्क हो गई है। मुंबई और दिल्ली से आने वाले प्रवासियों पर खासतौर से नजर रहेगी। आगे पढ़िए 10 खास बातें
1- उत्तराखंड में अन्य राज्यों से प्रतिदिन अब 2000 लोगों को आने की अनुमति दी जाएगी। अभी तक यह सीमा 1500 थी।
2- खास बात ये भी है कि उत्तराखंड में हेलीकाप्टर से आने वालों का अनिवार्य रूप से एंटीजेन टेस्ट किया जाएगा।
3- अगर आप उत्तराखंड में बाहर से आए हैं और 5 दिन में लौट आते हैं तो उन्हें क्वारंटीन नहीं होना होगा।
4- उत्तराखंड आने के लिए आपको स्मार्ट सिटी के वेब पोर्टल पर रजिस्टर कराना होगा। सीमा पर इसे चेक किया जाएगा। बाहर से आने वालों को हर हाल में आरोग्य सेतू एप डाउनलोड करना होगा।

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5- हाई लोड कोविड-19 शहरों से आने आने वाले लोगों को 7 दिन के लिए फैसेलिटी क्वारंटीन होना होगा। इसके बाद 7 दिन के लिए होम क्वारंटीन होना पड़ेगा।
6- अगर आप हाई लोड क्वारंटीन शहरों के अलावा बाकी दूसरे शहरों से आ रहे हैं तो आपको 14 दिन के लिए होम क्वारंटीन होना होगा।
7- अगर आपके पास 72 घंटे की ICMR अप्रूव्ड कोविड निगेटिव रिपोर्ट है, तो आपको क्वारंटीन नहीं होना होगा। आपको अपनी मेडिकल रिपोर्ट स्मार्ट सिटी की वेबसाइट पर अपलोड करनी होगी।
8- किसी की मृत्यु, गंभीर बीमारी और बाकी अपरिहार्य वजहों से अगर बाहर से कोई व्यक्ति आता है तो उसे क्वारंटीन नहीं होना पड़ेगा। उसे सिर्फ उस काम के लिए घर से बाहर निकलना होगा, जिसके लिए वो आया है।
9- कर्मचारी, कामगार, सलाहकार, विशेषज्ञ आदि लोग अगर बाहर से आते हैं तो उन्हें क्वारंटीन नहीं होना होगा। ऐसे व्यक्ति सिर्फ काम के स्थान से ठहरने के स्थान के बीच ही यात्रा करेंगे, संबंधित संस्था की ये जिम्मेदारी होगी।
10- गर्भवती महिलाएं, 65 साल से अधिक के बुजुर्ग, गंभीर रोगियों को फैसेलिटी क्वारंटीन नहीं किया जाएगा।