उत्तराखंड: अस्पताल से भाग गया कोरोना पॉजिटिव मरीज, लोकेशन तलाशने में जुटी पुलिस

सुशीला तिवारी अस्पताल में भर्ती रामनगर का एक कोरोना संक्रमित व्यक्ति हाल ही में अस्पताल की सेक्योरिटी की नजरों से बच कर भाग निकला है जिसके बाद से अस्पताल प्रशासन के बीच कोहराम मचा हुआ है।
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Uttarakhand Coronavirus: Coronavirus positive patients ran from the Sushila Tiwari Hospital hospital in Uttarakhand
Image: Coronavirus positive patients ran from the Sushila Tiwari Hospital hospital in Uttarakhand

नैनीताल: राज्य में कोरोनावायरस पॉजिटिव केसों की संख्या 8254 पहुंच चुकी है। कोरोना के केसों में लगातार वृद्धि हो रही है जो कि चिंताजनक बात है। राज्य सरकार, जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग बेहद टेंशन में आ रखे हैं। इसी बीच हल्द्वानी के सुशीला तिवारी अस्पताल से एक बेहद बुरी खबर सामने आ रही है। जागरण की खबर के मुताबिक सुशीला तिवारी अस्पताल से एक कोरोना संक्रमित व्यक्ति अस्पताल की सेक्योरिटी की नजरों से बच कर भाग निकला है जिसके बाद से अस्पताल प्रशासन बेहद टेंशन में आ रखा है। यूं तो एसटीएस यानी कि सुशीला तिवारी अस्पताल से मरीजों का भागना बेहद आम है मगर ऐसा पहली बार हो रहा है कि अस्पताल में से कोई कोरोना संक्रमित भागा है जिसके बाद से ही स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन से लेकर पुलिस विभाग में भी कोहराम मचा हुआ है। और सब लोग उस फरार कोरोना संक्रमित मरीज की तलाश करने में जुटे हुए हैं।

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चलिए आपको पूरी घटना से अवगत कराते हैं। बता दे कि राम नगर निवासी एक 52 वर्षीय कोरोना संक्रमित मरीज बीते 1 अगस्त को हल्द्वानी के सुशीला तिवारी अस्पताल में भर्ती हुआ था। संक्रमित मरीज को वार्ड सी में भर्ती किया गया था। फरार मरीज के पिता और पुत्र भी कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं जिसके चलते उनको भी सुशीला तिवारी अस्पताल में भर्ती किया गया था। संक्रमित मरीज अस्पताल से तब फरार हुआ था जब सुबह के समय में उनके वार्ड में अस्पताल का कर्मचारी चादर बदलने आया था। उस दौरान आरोपी ने दरवाजा खुला देखकर, चुपचाप मौके का फायदा उठाया और वहां से भाग गया। जब कर्मचारियों ने संक्रमित मरीज को बेड पर नहीं देखा तो वहां पर काफी शोरगुल मच गया और तुरंत ही अस्पताल प्रबंधन को इसकी सूचना दी गई

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अस्पताल प्रबंधन चिकित्सा अधीक्षक डॉ अरुण जोशी ने बताया कि मामले की सूचना तत्काल रूप से पुलिस को दे दी गई। वहीं पुलिस प्रशासन को जैसे ही संक्रमित मरीज के भागने का पता लगा वह तुरंत ही अस्पताल पहुंची। फिलहाल वह सीसीटीवी फुटेज से भागे गए व्यक्ति की लोकेशन पता करने में जुटी हुई है, मगर अब तक उसका ठीक-ठीक पता नहीं लग पाया है। वहीं संक्रमित मरीज के परिजन भी घटना के बाद से बेहद चिंतित हैं और उसकी खोज करने में जुटे हुए हैं। इस घटना के साथ ही सुशीला तिवारी अस्पताल के सुरक्षा प्रबंधन के ऊपर भी कई सवाल उठते हैं। एक कोरोना संक्रमित मरीज दिन दहाड़े अस्पताल से भाग खड़ा होता है, ऐसे में यह साफ तौर पर अस्पताल प्रबंधन की लापरवाही है। यह पहली बार नहीं है कि कोई मरीज एसटीच अस्पताल से भागा हो। इससे पहले भी कई बार मरीजों के भागने को लेकर प्रबंधन के ऊपर सवाल उठे हैं। एक बार एक मरीज खिड़की तोड़ कर भाग गया था मगर उसे पुलिस ने पकड़ लिया था। फिलहाल तो पुलिस फरार संक्रमित मरीज की तलाश में जी-जान से जुटी हुई है ताकि उसके जरिए यह संक्रमण और लोगों तक न पहुंचे।