रुद्रप्रयाग जिला प्रशासन ने जिले को कोरोना मुक्त बनाने के लिए कमर कस ली है। आने वाली 10 अगस्त से रुद्रप्रयाग जिले के सभी 680 गांव में लोगों की रैंडम सैंपलिंग की जाएगी। इसी के साथ जिले में हर दिन 500 जांच की जाएगी।
-
Komal Negi
-
Advertisement
Untouched Trekking Routes in Kedar Himalaya, Uttarakhand
Lesser-known treks offering breathtaking Himalayan views. A perfect blend of adventure, solitude, and spirituality.
Example Ads Media
Image: Random sampling of coronaviruses in Rudraprayag district
रुद्रप्रयाग: राज्य में कोरोना पॉजिटिव मरीजों की कुल संख्या 8000 पार कर चुकी है। 8254 में से 5233 मरीज ऐसे हैं जो पूरी तरह से ठीक हो गए हैं और वर्तमान में राज्य में 2885 एक्टिव केस बचे हुए हैं। वहीं मृत्यु दर की बात करे तो मृत्यु दर में भी बहुत तेजी से इजाफा हो रहा है। अब तक 98 मरीज कोरोना के खिलाफ जंग हार चुके हैं। परिस्थितियां बेहद खराब हैं और इसी के साथ हर जिले में अपनी-अपनी तरफ से जिला प्रशासन द्वारा एहतियात बरती जा रही है। सब अलग-अलग स्ट्रैटिजी अपना कर जिले को कोरोना मुक्त बनाने की मुहिम में जुड़े हुए हैं। रुद्रप्रयाग का जिला प्रशासन सख्त हो चला है और कोरोना के खिलाफ जंग की तैयारी रुद्रप्रयाग जिले में चल रही है। रुद्रप्रयाग जिला प्रशासन ने कोरोना को हराने के लिए और जिले को कोरोना मुक्त बनाने के लिए कमर कस ली है। आने वाले 10 अगस्त से रुद्रप्रयाग जिले के सभी 680 गांव में रैंडम सैंपलिंग की जाएगी। बता दें कि बाहरी राज्यों और जिलों से आने वाले सभी व्यक्तियों की कोरोना जांच की जाएगी। वहीं जिला प्रशासन ने हर दिन 500 जांच करने का लक्ष्य रखा है। वर्तमान में रुद्रप्रयाग जिले में प्रतिदिन 250 जांच की जा रही है, मगर अब क्षमता को बढ़ाकर दोगुना किया जा रहा है। आने वाले 10 अगस्त से जिले में प्रतिदिन 500 जांच का लक्ष्य रखा गया है।
यह भी पढ़ें - उत्तराखंड: बॉर्डर पर नेपाल की हिमाकत, नो मैन्स लैंड में लगाए CCTV कैमरे
जिला अधिकारी वंदना ने बताया जिला प्रशासन रुद्रप्रयाग में कोरोना संक्रमण को पूरी तरह से समाप्त करने के लिए जी-जान से जुटा हुआ है और इसी को लेकर तमाम ठोस कदम भी उठाए जा रहे हैं। ऐसे में यह निर्णय लिया गया है कि जिले के सभी 336 ग्राम सभाओं के तहत आने वाले 680 गांवों में कोरोना वायरस सैंपलिंग शुरू की जाएगी। इसके लिए बकायदा 22 टीमें भी गठित कर दी गई है। सभी टीमों को प्रशिक्षण दिया जा चुका है। आने वाले सोमवार से जिले के सभी 680 गांवों में रेंडम सेंपलिंग शुरू कर दी जाएगी। उन्होंने बताया कि कोरोना वायरस को रोकने के लिए यह जरूरी है कि अधिक से अधिक कोरोना वायरस पेशेंट्स नजर में आएं ताकि उनको आइसोलेट किया जा सके और वे किसी के संपर्क में भी न आ पाएं। इसलिए रुद्रप्रयाग जिले में आने वाले सोमवार से सभी गांव में रैंडम सैंपलिंग तो की ही जाएगी, साथ ही हर दिन 500 जांच का लक्ष्य भी रखा गया है। वर्तमान में रुद्रप्रयाग जिले की क्षमता 250 जांच की है मगर अब उस को बढ़ा दोगुना कर दिया गया है।
यह भी पढ़ें - उत्तराखंड: कोरोना पॉजिटिव बेटे को लेकर काउंसलिंग में पहुंचे पिता, दर्ज हुआ केस
इसके लिए मुख्य चिकित्सा अधिकारी को भी सभी आवश्यक निर्देश दे दिए गए हैं। डीएम वंदना ने कहा कि संक्रमण से रुद्रप्रयाग जिले को बचाने के लिए जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग किसी भी तरह की लापरवाही नहीं बरत रहा है। अगर रेंडम सेंपलिंग की बात करें तो रुद्रप्रयाग जिला प्रदेश के तीसरे नंबर पर आता है। रुद्रप्रयाग जिले में प्रति दस लाख पर में 20,500 सैंपलिंग हो रही है। वहीं जिलाधिकारी वंदना ने बताया कि 4 जिले हरिद्वार, यूएसनगर, नैनीताल और देहरादून से आने वाले हर व्यक्ति का एंटीजन टेस्ट भी रुद्रप्रयाग में कराया जा रहा है। ऐसा इसलिए क्योंकि इन चारों जिलों में कोरोना के कारण हालत बेहद गंभीर हो रखे हैं, और इन चारों जिलों में सबसे अधिक कोरोना के के केस अबतक पाए गए हैं। कुल मिला कर रुद्रप्रयाग जिला प्रशासन अब और अधिक सख्त हो चला है और रुद्रप्रयाग जिले को कोरोना मुक्त बनाने की मुहिम ने अब गति पकड़ ली है।