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भीड़ से दूर, स्वर्ग के सबसे पास – केदार हिमालय के Hidden Treks
बुग्याल, हिमालयी वन और बर्फीली चोटियों का अद्भुत नज़ारा। आध्यात्म, रोमांच और एकांत का अनोखा संगम।
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चमोली: जोशीमठ विकास खण्ड के तपोण गाँव से कैलाश के लिए निकली मां नन्दा देवी की भव्य छंतोली का दृश्य लुभावना था।।नम आँखों से बेटी को निर्जन प्रदेश के लिए विदा कर गांव के भक्तजन अपनी आँखों को छलकने से नहीं रोक पाए। आंसुओं के सैलाब ने सबके हृदयों को करुणा के भवसागर में डुबो दिया । पुराणों में आस्था रखने वाले ही कैलाश को पवित्र स्थान मानते हों परन्तु यहां के आम जन - मानस उसे नन्दा का ससुराल मानते हैं जहां उन्हें अनेक कष्ट उठाने पड़ते हैं। वार्षिक लोकजात 2020 के पावन अवसर पर आज तपोण गाँव से कटार चिह्न व छंतोलि के साथ कैलाश के लिए प्रस्थान किया । इस अवसर पर माँ नन्दा के पश्वा पर देवी अवतरित हुई। नम आंखों से विदाई की आज्ञा ली.. सभी श्रद्धालुओं ने नम आँखों से माँ के जयकारों के साथ उन्हें विदाई दी। इस अवसर पर तपोण से पवित्र रिंगाल की छंतोली भ्रमण पर निकली..आगे पढ़िए