उत्तराखंड: ऊंचे पहाड़ों में भी पहुंचा कोरोना, 17 हजार फीट की ऊंचाई पर 28 जवान पॉजिटिव

गुंजी गांव में सेना के 28 जवान कोरोना पॉजिटिव पाए गए। उच्च हिमालयी क्षेत्रों में सेना के जवानों का कोरोना पॉजिटिव मिलना बताता है कि इस वक्त हम कितने बड़े खतरे से जूझ रहे हैं।
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Coronavirus in uttarakhand: 28 Indian Army Soldier coronaviruses infected in Pithoragarh
Image: 28 Indian Army Soldier coronaviruses infected in Pithoragarh

पिथौरागढ़: उत्तराखंड में कोरोना को लेकर लगातार बुरी खबरें मिल रही हैं। राज्य में कुल संक्रमित मरीजों का आंकड़ा 22180 हो गया है। सेना में भी संक्रमण का ग्राफ तेजी से बढ़ रहा है। कोरोना वायरस ने पिथौरागढ़ के 17,000 फीट की ऊंचाई पर स्थित गुंजी गांव में भी दस्तक दे दी है। धारचूला तहसील की व्यास वैली में स्थित गुंजी ग्राम सभा में सेना के 28 जवान कोरोना पॉजिटिव पाए गए। जिस इलाके में सेना के जवान कोरोना पॉजिटिव मिले हैं, वो चीन और नेपाल बॉर्डर के पास स्थित है। इस वक्त चीन और नेपाल के साथ भारत के संबंध ठीक नहीं चल रहे। सीमावर्ती इलाकों में तनाव चरम पर है, ऐसे में एक के बाद एक कई जवानों का कोरोना पॉजिटिव मिलना देश के लिए अच्छा संकेत नहीं है। सेना के 28 जवानों में कोरोना की पुष्टि के बाद से ग्रामीण भी दहशत में हैं। उत्तराखंड में कोरोना संक्रमण मैदानी जिलों से निकलकर पहाड़ी इलाकों तक पहुंच गया है। उच्च हिमालयी क्षेत्रों में सेना के जवानों का कोरोना पॉजिटिव मिलना बताता है कि इस वक्त हम कितने बड़े खतरे से जूझ रहे हैं। व्यास वैली में स्थित गुंजी गांव 17 हजार फीट की ऊंचाई पर स्थित है।

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यहां कोरोना संक्रमण के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। जो जवान चीन बॉर्डर पर तैनात हैं, उन्हें कोरोना वायरस अपनी गिरफ्त में ले रहा है। बढ़ते खतरे को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने धारचूला बेस कैंप में जांच और इलाज संबंधी सभी इंतजाम किए हैं। कालापानी, लिपुलेख और गुंजी ऐसे इलाके हैं, जहां आईटीबीपी के जवान बड़ी तादाद में मौजूद हैं। पिथौरागढ़ के बूंदी, छियालेख, कूटी और नाबी समेत कई इलाकों को अब तक सुरक्षित माना जा रहा था, लेकिन अब यहां भी सेना और आईटीबीपी के जवान कोरोना पॉजिटिव मिल रहे हैं। सीमावर्ती इलाकों में हेल्थ सर्विस दे पाना आज भी बड़ी चुनौती है। इन दिनों चीन बॉर्डर को जोड़ने वाली लिपुलेख रोड भी बंद है। यहां पिछले दिनों आईटीबीपी के कई जवान कोरोना पॉजिटिव पाए गए। जिससे लोग डरे हुए हैं। स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने डीएम को ज्ञापन देकर व्यास वैली में कोरोना की सैंपलिंग शुरू करने की मांग की, ताकि समय रहते संक्रमण को फैलने से रोका जा सके।