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No reels. No crowds. Just Kedar Himalaya - This trek doesn’t want to be famous..
Alpine meadows, dense forests, and snow-capped peaks in one journey. Suitable for both beginner and experienced trekkers.
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देहरादून: बदले माहौल में छात्र डिप्रेशन के चलते खतरनाक कदम उठाने लगे हैं। बिना सोचे समझे कदम उठाने पर वे परिजनों को कभी न भूलने वाला दर्द भी दे जाते हैं। शुक्रवार को देहरादून में भी यही हुआ। यहां दो छात्राओं ने खुदकुशी कर ली। खुदकुशी के दोनों मामले एक-दूसरे से अलग हैं। दोनों में ही पुलिस को छात्राओं के पास से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला। खुदकुशी की वजह का भी पता नहीं चल सका है। पुलिस सभी एंगल से मामले की जांच कर रही है। पहला मामला डालनवाला कोतवाली क्षेत्र का है, जहां एक छात्रा ने फांसी लगा ली। मरने वाली छात्रा की शिनाख्त फिजा के रूप में हुई। 19 साल की फिजा एमकेपी पीजी कॉलेज में पढ़ती थी। उसका परिवार आराघर क्षेत्र में रहता है। गुरुवार की देर रात फिजा ने जहरीला पदार्थ गटक लिया। हालत बिगड़ने पर परिजन उसे तुरंत अस्पताल ले गए, लेकिन फिजा बच नहीं सकी। अस्पताल में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। परिजनों ने बताया कि फिजा बीए फर्स्ट ईयर की स्टूडेंट थी। फिजा ने अपनी जान क्यों ली, इसका पता नहीं चल सका है। हालांकि परिजनों का कहना है कि वो पिछले कई दिनों से डिप्रेशन से जूझ रही थी। परिजनों को ये तो पता था कि फिजा परेशान है, लेकिन वो खुदकुशी जैसा कदम उठा लेगी ये उन्होंने सपने में भी नहीं सोचा था। आगे पढ़िए दूसरी घटना