उत्तराखंड में एंट्री के बाद ‘गायब’ हो गए 211 लोग, तलाशने में पुलिस के छूटे पसीने

राज्य में दाखिल होने के बाद 211 लोगों ने अपने मोबाइल फोन बंद कर दिए। अब इन लोगों को ट्रेस करने में पुलिस के पसीने छूट रहे हैं। पुलिस इन्हें क्यों ढूंढ रही है आगे पढ़िए...
Advertisement Triyuginarayan - World’s Most Divine Wedding Destination

Couples are choosing the sacred land of Lord Shiva’s wedding to begin their own love stories.

Example Ads Media
Uttarakhand 211 people: Uttarakhand 211 people, Uttarakhand coronavirus, 211 people missing Uttarakhand, Uttarakhand coronav
Image: Uttarakhand 211 people, Uttarakhand coronavirus, 211 people missing Uttarakhand, Uttarakhand coronav

देहरादून: कोरोना संकट से जूझ रहे उत्तराखंड में प्रदेश सरकार नई चुनौतियों से जूझ रही है। सबसे बड़ी चुनौती हैं, वो लोग जन्हें ट्रेस करना मुश्किल होता जा रहा है। पहले उत्तराखंड में एंट्री के लिए प्रतिदिन दो हजार लोगों की लिमिट तय की गई थी। अनलॉक-4 में इसे खत्म कर दिया गया। इसके खत्म होने के साथ ही राज्य सरकार के सामने एक बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है। दरअसल पता चला है कि राज्य में दाखिल होने के बाद 211 लोगों ने अपने मोबाइल फोन बंद कर दिए। अब इन लोगों को ट्रेस करने में पुलिस के पसीने छूट रहे हैं। मोबाइल बंद करने वाले इन लोगों में कोई कोरोना संक्रमित भी हो सकता है, जो दूसरे लोगों में संक्रमण फैला सकता है। ऐसे में इन लोगों का अचानक गायब हो जाना बड़ा खतरा है। राज्य में कोरोना को लेकर जिस तरह के हालात बने हुए हैं, आप देख ही रहे हैं। कोरोना संक्रमित मरीजों का आंकड़ा 23 हजार पार हो गया है। सैंपल टेस्टिंग बढ़ने के साथ ही ठीक होने वाले मरीजों का औसत भी बढ़ा है, लेकिन अब भी प्रदेश में हर दिन कोरोना के सैकड़ों नए केस मिल रहे हैं। इस तरह राज्य में कोरोना संक्रमण के बढ़ रहे खतरे के बीच प्रदेश सरकार के लिए पाबंदी में ढील देने के बाद चुनौती बढ़ गई है। जिन लोगों ने अपने मोबाइल फोन स्विच ऑफ कर दिए हैं, वो प्रदेश में कोरोना के प्रसार का जरिया बन सकते हैं।

यह भी पढ़ें - उत्तराखंड में 702 पुलिसकर्मी कोरोना पॉजिटिव, हरिद्वार में सबसे बुरा हाल
राज्य के मुख्य सचिव ओमप्रकाश के अनुसार प्रदेश में दाखिल होने वाले 211 लोग ऐसे हैं, जिन्होंने अब अपने मोबाइल स्विच ऑफ कर दिए हैं। हालांकि इन्हें ट्रेस करने के लिए वैकल्पिक कदम उठाए जा रहे हैं। फोन स्विच ऑफ करने वाले लोगों में से ज्यादातर चार जिलों देहरादून, हरिद्वार, ऊधमसिंहनगर और नैनीताल से ताल्लुक रखते हैं। ये वही मैदानी जिले हैं, जो कोरोना से सबसे ज्यादा प्रभावित हैं। मुख्य सचिव ओमप्रकाश ने कहा कि उत्तराखंड में प्रवेश करने वालों पर नजर रखना जरूरी हो गया है। संक्रमण के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं, इसलिए हर स्तर पर जागरुकता की जरूरत है। आपको बता दें कि राज्य में लोगों को सीमित संख्या में एंट्री देने के पुराने आदेश को रद्द कर दिया गया है। केंद्र की नई गाइडलाइन के मुताबिक अब राज्य सरकारें लॉकडाउन को लेकर खुद फैसला नहीं ले सकेंगी।

यह भी पढ़ें - देहरादून से मसूरी जाने वालों के लिए जरूरी खबर, रात 8 बजे से सुबह 7 बजे तक बंद रहेगी रोड
उत्तराखंड में कोरोनावायरस के 23011 मामले
अल्मोड़ा में कोरोना पॉजिटिव केस- 709
बागेश्वर में कोरोना पॉजिटिव केस- 297
चमोली में कोरोना पॉजिटिव केस- 368
चंपावत में कोरोना पॉजिटिव केस- 384
देहरादून में कोरोना पॉजिटिव केस- 4915
हरिद्वार में कोरोना पॉजिटिव केस- 5299
नैनीताल में कोरोना पॉजिटिव केस- 3135
पौड़ी में कोरोना पॉजिटिव केस- 667
पिथौरागढ़ में कोरोना पॉजिटिव केस -408
रुद्रप्रयाग में कोरोना पॉजिटिव केस- 293
टिहरी में कोरोना पॉजिटिव केस-1346
उधमसिंहनगर में कोरोना पॉजिटिव केस- 4209
उत्तरकाशी में कोरोना पॉजिटिव केस- 981