गढ़वाल का सपूत ड्यूटी पर शहीद, पत्नी और बेटियों का रो-रोकर बुरा हाल

हिमाचल प्रदेश में तैनात गढ़वाल के एक नायब सूबेदार मुकेश प्रसाद भट्ट हाल ही में शहीद हो गए।
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Naib Subedar Mukesh Prasad Bhatt martyr: Naib Subedar Mukesh Prasad Bhatt martyr
Image: Naib Subedar Mukesh Prasad Bhatt martyr

टिहरी गढ़वाल: बॉर्डर पर हमारे सैनिकों के शहीद होने का सिलसिला अभी भी जारी है जो कि बेहद चिंताजनक विषय है। उत्तराखंड से भी एक बेहद दुखद खबर हमारे सामने आ रही है। हिमाचल प्रदेश में तैनात गढ़वाल के एक नायब सूबेदार मुकेश प्रसाद भट्ट हाल ही में शहीद हो गए हैं। फिलहाल उनके शहीदी के पीछे के कारणों का पता नहीं चल पाया है। सूबेदार मुकेश प्रसाद भट्ट टिहरी जिले के भिलंगना ब्लाक के अंतर्गत पाट कोलो फेगुल के पाली मगरों के रहने वाले थे। वे हिमाचल प्रदेश बॉर्डर में 51 इंजीनियर रेजीमेंट बटालियन में तैनात थे। बताया ये भी जा रहा है कि सीज फायर के दौरान उन्हें गोली लगी और वो शहीद हो गए। उनकी शहीद होने की खबर सुनते ही उनके परिवार के बीच में कोहराम मच गया है। बीते बुधवार की देर शाम को उनका पार्थिव शरीर देहरादून लाया गया जहां पर उनको अंतिम श्रद्धांजलि दी गई और उनका अंतिम संस्कार किया गया। प्राप्त जानकारी के अनुसार शहीद मुकेश प्रसाद भट्ट का पूरा परिवार वर्तमान में देहरादून के अजबपुर में रहता है। वे अपने पीछे अपनी पत्नी राखी और अपनी दो 10 वर्षीय मासूम जुड़वा बेटियों नवनीता एवं प्रणिता को हमेशा-हमेशा के लिए छोड़ कर चले गए हैं। आगे पढ़िए

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उनके दो भाई हैं। उनके बड़े भाई भी उत्तराखंड पुलिस में तैनात हैं और दूसरे भाई उन्हीं के माता-पिता के साथ गांव में रहते हैं। उनकी शहादत की खबर सुनकर टिहरी स्थित उनके गांव में भी मातम पसर गया है और उनके बूढ़े मां-बाप का रो-रो कर बुरा हाल है। अपने बेटे की शहादत की खबर सुनकर उनकी मां के आंसू भी थम नहीं रहे हैं।

टिहरी गढ़वाल, पट्टी कोठी-फैगुल, तहसील-घनसाली ग्राम खाल के नायब सूबेदार श्री मुकेश प्रसाद भट्ट जी सीज फायरिंग के दौरान...

Posted by Dinesh Dhanai on Thursday, September 10, 2020


उनका पार्थिव शरीर सेना के वाहन से हिमाचल से देहरादून लाया गया जहां पर उनके परिजनों के बीच में उनका अंतिम संस्कार किया गया। संदिग्ध परिस्थितियों में शहीद हुए मुकेश प्रसाद भट्ट की शहीदी के पीछे के कारणों का अभी तक पता नहीं लग पाया है। अब तक ये ही कहा जा रहा है कि सीज फायर के दौरान गोली लगने से वो शहीद हो गए।