विभव शर्मा ने 12 सितंबर को फेसबुक पर ट्रोलिंग और बुलिंग से संबंधित एक वीडियो शेयर की थी। इससे यह अंदाजा लगाया जा रहा है कि वे ट्रोलिंग और बुलिंग के शिकार थे। आगे पढ़िए पूरी खबर
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Komal Negi
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Image: Nainital Vibhav Sharma suicide
नैनीताल: मेंटल हेल्थ, डिप्रेशन, मानसिक तनाव, इन सबको हल्के में लेना बेहद खतरनाक साबित हो सकता है। अगर आपके बच्चे हैं तो उनसे बात करिए, उनको भरोसा दिलाइये कि आप उनके साथ हमेशा हर मुश्किल वक्त में खड़े हैं, वरना जो हादसा नैनीताल के विभव शर्मा के साथ हुआ है, वो कल को किसी भी बच्चे के साथ हो जाएगा। हंसता, मुस्कुराता विभव के चेहरे के पीछे आखिर इतनी मायूसी और अकेलापन था कि उसने अपने पिता की रिवॉल्वर उठाई और अपने दिमाग को शूट करके अपनी जिंदगी खत्म करना मुनासिब समझा और 22 वर्षीय विभव अपने माता-पिता को बिलखता हुआ छोड़ गया। वह बीटेक का छात्र था, पढ़ने में तेज था। नैनीताल जिले के भीमताल के विभव ने बीते गुरुवार को अपने पिता की लाइसेंस रिवॉल्वर से खुद को गोली मारकर आत्महत्या करली। इसका कारण किसी को नहीं पता मगर विभव के फेसबुक पर किए गए पोस्टों से यह साफ जाहिर हो रहा है कि उसके मन में कुछ तो ऐसा था जो वह बोलना चाह रहा था।
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सोशल मीडिया पर एक्टिव रहने वाला विभव ने बीते 12 सितंबर यानी कि अपनी मृत्यु से ठीक 5 दिन पहले फेसबुक पर आत्महत्या रोकथाम दिवस को लेकर ट्रोलिंग और बुलिंग से संबंधित एक वीडियो साझा की थी। आत्महत्या रोकथाम दिवस पर वीडियो साझा करने के 5 दिन बाद वैभव ने खुद आत्महत्या कर ली। इससे यह अंदाजा लगाया जा सकता है कि वैभव ट्रोलिंग या बुलिंग का शिकार था या उससे परेशान था। वैभव के फेसबुक पर वह आखिरी वीडियो कुछ नहीं बोलते हुए भी बहुत कुछ बयां कर रही है। कोई ऐसी बात थी जो विभव बोलना चाह रहा था मगर वो बोल नहीं सका और उन्होंने अंततः अपनी जिंदगी को खत्म करने का कठोर निर्णय लिया। विभव बहुत कुछ कहना चाहता था मगर मरने से पहले व्हाट्सएप पर इन आखिरी शब्दों के अलावा ज्यादा कुछ नहीं बोल पाया " मैं दिल को शूट करूं कि दिमाग को। मैंने यह निर्णय लिया है कि मैं दिमाग को शूट करूंगा"। मरने से पहले यह उसके आखिरी शब्द थे।
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पुलिस के अनुसार यह प्रेम प्रसंग का मामला है। पुलिस इस बारे में जानकारी जुटा रही है। वहीं उसकी फेसबुक की ट्रोलिंग से संबंधित पोस्ट भी इसी ओर इंगित कर रही है कि विभव किसी बड़ी परेशानी से जूझ रहा था या ट्रोलिंग और हेट कमेंट्स के चलते अंततः उसने अपनी जिंदगी खत्म करने की ठानी। ग्राफिक एरा का छात्र विभव बेहद खुशमिजाज था। यह बात उसकी एफबी की टैगलाइन " ड्रीमर्ज़, बिलिवर, यट टू बी अचीवर " कह रही है। विभव के इस कदम को उठाने से हर कोई हतप्रभ है। वहीं दूसरी ओर उसके घर में ही मातम पसरा हुआ है। हर कोई बस यही कह रहा है कि काश विभव की मानसिक परिस्थिति समय रहते किसी ने पूछ ली होती, काश उसके आखिरी शब्दों को किसी का सहारा मिल गया होता, काश उसने किसी पर भरोसा करके अपने मन की बात कह दी होती, तो आज विभव हम सबके बीच जिंदा होता।