7 दिन के संस्थागत क्वारेंटीन की लंबी अवधि लोगों को डरा रही है, यही वजह है कि वो उत्तराखंड आने का मन नहीं बना पा रहे। इन लोगों को जल्द ही बड़ी राहत मिलने वाली है।
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Komal Negi
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Image: 7 days quarantine rule may end in Uttarakhand
देहरादून: मार्च में लगे लॉकडाउन से लेकर अनलॉक के बीच लाखों प्रवासी उत्तराखंड लौट आए। कई लोग अब भी उत्तराखंड आना चाहते हैं, लेकिन डरे हुए हैं। डर की वजह है बॉर्डर पर होने वाली सख्ती और 7 दिन के फेसेलिटी क्वारेंटीन की शर्त। इस वक्त राज्य में दिल्ली, मुंबई और लखनऊ जैसे 75 कोरोना संवेदनशील शहरों से आने वाले लोगों के लिए सात दिन के संस्थागत क्वारेंटीन और 14 दिन होम क्वारेंटीन की शर्त लागू है। संस्थागत क्वारेंटीन की लंबी अवधि लोगों को डरा रही है, यही वजह है कि वो उत्तराखंड आने का मन नहीं बना पा रहे। सूत्रों की मानें तो राज्य सरकार ऐसे लोगों का डर जल्द ही दूर करने वाली है। प्रदेश सरकार सात दिन का संस्थागत क्वारेंटीन खत्म कर सकती है। आगे भी पढ़िए इस बारे में कुछ खास बातें
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अनलॉक-4 में राज्य सरकार ने सख्ती के साथ ही छूट का दायरा भी बढ़ाया है। अब राज्य सरकार बॉर्डर पर और रियायत देने की तैयारी में है। प्रदेश सरकार 7 दिन का संस्थागत क्वारेंटीन खत्म कर सकती है। इससे उन लोगों को बड़ी राहत मिलेगी, जो कोविड संवेदनशील शहरों में रह रहे हैं। दरअसल ये लोग उत्तराखंड लौटना तो चाहते हैं, लेकिन फेसेलिटी क्वारेंटीन की शर्त की वजह से उत्तराखंड आ नहीं पा रहे। 7 दिन का फेसेलिटी क्वारेंटीन खत्म होने के बाद इन्हें बड़ी राहत मिलेगी। आधिकारिक सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार मुख्यमंत्री को संस्थागत क्वारंटीन खत्म करने संबंधी प्रस्ताव भेजा गया है। सोमवार तक इस प्रस्ताव पर स्वीकृति की मुहर लग सकती है। मुख्य सचिव ओम प्रकाश ने भी सोमवार से राज्य की सीमाओं पर रियायत देने की बात कही है।
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मुख्य सचिव ने कहा कि संस्थागत क्वारेंटीन की व्यवस्था खत्म करनी है या नहीं, ये फैसला मुख्यमंत्री ही लेंगे। सूत्र बताते हैं कि बॉर्डर पर एंटीजन टेस्ट की सुविधा शुरू करने के बाद राज्य सरकार संस्थागत क्वारेंटीन को खत्म करना चाहती है। मुख्यमंत्री को इस संबंध में प्रस्ताव भेजा गया है, मंजूरी मिली तो नई व्यवस्था लागू कर दी जाएगी। आपको बता दें कि इस वक्त जो लोग कोविड लोडेड शहरों से आ रहे हैं, उनके लिए 7 दिन निशुल्क फेसेलिटी क्वारेंटीन होने की व्यवस्था लागू है। जो लोग सरकारी संस्थान में नहीं रहना चाहते उन्हें अपने खर्च पर होटल में क्वारेंटीन होने का विकल्प दिया गया है। इसके अलावा फेसेलिटी क्वारेंटीन से बचने के लिए राज्य में एंट्री के वक्त 96 घंटे की कोविड नेगेटिव रिपोर्ट दिखाने की व्यवस्था भी लागू है।