Advertisement
हजारों वर्षों से जलती अखंड ज्योति के सामने सात फेरे - आस्था, परंपरा और प्रकृति का अनोखा संगम
पहाड़, मंत्र और देवभूमि का आशीर्वाद.. त्रियुगीनारायण में शादी सिर्फ एक समारोह नहीं, आध्यात्मिक अनुभव है।
Example Ads Media
पिथौरागढ़: उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में आदमखोर गुलदार दहशत का सबब बने हुए हैं। कभी सिर्फ जंगलों तक सीमित रहने वाले वाले गुलदार अब इंसानी बस्तियों में दाखिल हो रहे हैं। मासूमों को अपना निवाला बना रहे हैं। गुलदार के हमले की ताजा घटना पिथौरागढ़ में देखने को मिली। जहां गुलदार ने घास लेकर घर वापस लौट रही बच्ची पर हमला कर उसे मार डाला। मरने वाली बच्ची का नाम करिश्मा था। वो सिर्फ 11 साल की थी। बच्ची की मौत के बाद गांव में कोहराम मचा है। ग्रामीणों में वन विभाग को लेकर भी गुस्सा है। उन्होंने गुलदार को नरभक्षी घोषित कर उसे मौत के घाट उतारने की मांग की। जिले के चंडाक क्षेत्र में एक गांव है छाना। 11 साल की करिश्मा इसी गांव में रहती थी। दूसरी पहाड़ी बच्चियों की तरह करिश्मा भी घर के कामों में परिजनों का हाथ बंटाती थी। शुक्रवार को भी करिश्मा घास लेने के लिए खेत में गई थी, लेकिन किसे पता था कि अब वो कभी जिंदा वापस नहीं लौटेगी। घास काटने के बाद करिश्मा घर की तरफ आ रही थी कि तभी झाड़ियों में घात लगाए बैठा गुलदार उस पर टूट पड़ा और जंगल की ओर खींच कर ले जाने लगा। आगे पढ़िए