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हजारों वर्षों से जलती अखंड ज्योति के सामने सात फेरे - आस्था, परंपरा और प्रकृति का अनोखा संगम
पहाड़, मंत्र और देवभूमि का आशीर्वाद.. त्रियुगीनारायण में शादी सिर्फ एक समारोह नहीं, आध्यात्मिक अनुभव है।
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चमोली: कोरोना के कारण पूरे देश में सब लोग बेहद परेशान चल रहे हैं। कई युवाओं का रोजगार छिन चुका है और वे वापस उत्तराखंड की ओर लौट आए हैं। कोरोना काल में भले ही कुछ अच्छा ना हुआ हो पर पहाड़ों की रौनक जरूर वापस आ गई है। मगर अब युवाओं के सामने रोजगार एक बड़ी चुनौती बनकर सामने आ खड़ा है। लेकिन इसी बीच राज्य के कई युवाओं ने स्वरोजगार को अपनाकर बेहतरीन मिसाल पेश की है। स्वरोजगार को आर्थिकी का जरिया बनाना उस समय बेहद जरूरी है और उत्तराखंड के युवा यह समझ रहे हैं और सैकड़ों युवा स्वरोजगार के पथ पर अग्रसर हो रहे हैं। आज हम एक ऐसे ही युवक की कहानी आपके सामने लेकर आए हैं जो इस समय अन्य बेरोजगार युवाओं के लिए प्रेरणा का स्त्रोत बन चुका है और जिन्होंने मशरूम के उत्पादन को स्वरोजगार का जरिया बनाकर एक ठोस मिसाल समाज के आगे पेश की है। हम बात कर रहे हैं चमोली के कर्णप्रयाग विकासखंड के बारदोली गांव के युवक दीपक पुंडीर की जो इस समय अपने गांव में रहकर अपने घर के अंदर मशरूम का उत्पादन कर रहे हैं। आगे पढ़िए