उत्तराखंड के लिए अच्छी खबर, 100 दिन के भीतर हर स्कूल में लगेगा पानी का कनेक्शन

पहाड़ के स्कूलों में पानी नहीं होता तो बच्चे घर से पानी लेकर स्कूल जाते हैं, ताकि अपनी प्यास बुझा सकें। अब स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों की ये समस्या जल्द ही हल होने वाली है। आगे पढ़िए पूरी खबर
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Uttarakhand CM: Every school in Uttarakhand will get water connection within 100 days
Image: Every school in Uttarakhand will get water connection within 100 days

देहरादून: उत्तराखंड कई बड़ी नदियों का उद्गम स्थल है। ये नदियां पूरे देश की प्यास बुझाती हैं, कई राज्यों को बिजली देती हैं। लेकिन हमारे अपने गांवों में लोग आज भी पानी के लिए गाड़-गदेरों पर ही निर्भर हैं। पानी के लिए लोग मीलों का सफर तय करते हैं। स्कूलों में पानी नहीं होता तो बच्चे घर से पानी लेकर स्कूल जाते हैं, ताकि अपनी प्यास बुझा सकें। स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों की ये समस्या जल्द ही हल होने वाली है। अब राज्य के सभी स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों को सरकार पानी का कनेक्शन देगी। मुख्यमंत्री ने प्रदेश के सभी स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों में 100 दिन के भीतर पानी का कनेक्शन लगाने के निर्देश दिए। कनेक्शन लगाने के लिए 100 दिन का जो काउंटडाउन तय है, वो 2 अक्टूबर यानी आज से शुरू हो गया है। इसके अलावा ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल सुविधा मुहैया कराने के लिए भी जल्द ही एक्शन प्लान बनाया जाएगा। आगे पढ़िए

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गुरुवार को मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने शासन के वरिष्ठ अधिकारियों और जिलाधिकारियों संग जल जीवन मिशन की समीक्षा की। वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से मीटिंग को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को जरूरी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जल जीवन मिशन पीएम नरेंद्र मोदी का मुख्य कार्यक्रम है। इसके तहत ग्रामीण क्षेत्रों में पानी का कनेक्शन देने के साथ ही समुचित पेयजल की उपलब्धता भी सुनिश्चित करनी है। राज्य सरकार द्वारा एक रुपये में पेयजल कनेक्शन दिए जाने की योजना को प्रधानमंत्री की प्रशंसा मिली, अब हमें दोगुने उत्साह से काम करना है। बैठक में मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने सौ दिनों के भीतर सभी आंगनबाड़ी केंद्रों और स्कूलों में पेयजल कनेक्शन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति के लिए विलेज एक्शन प्लान बनाने को भी कहा। आगे पढ़िए

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मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के सभी गांवों में साल 2021 तक पेयजल कनेक्शन उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है। बैठक में सचिव पेयजल नितेश झा ने बताया कि जल जीवन मिशन के तहत चार माइल स्टोन तय किए गए हैं। पहले चरण में लक्ष्य को कम समय में हासिल करने की योजना है। दिसंबर 2021 तक हर ग्रामीण के घर पर पानी का कनेक्शन पहुंचाना है। दूसरे माइल स्टोन में पर्याप्त मात्रा में पेयजल यानी प्रति व्यक्ति प्रतिदिन 55 लीटर पानी देना सुनिश्चित किया जाएगा। तीसरे माइल स्टोन के तहत पेयजल की गुणवत्ता पर ध्यान दिया जाएगा। इसके लिए वाटर क्वालिटी लैब बनाई जाएगी। चौथे माइल स्टोन में प्रधानमंत्री द्वारा दिए गए लक्ष्य के अनुसार हर स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्र में पेयजल कनेक्शन उपलब्ध कराया जाएगा। बैठक में सचिव वित्त अमित नेगी और सभी जिलों के जिलाधिकारी मौजूद थे।