Advertisement
भीड़ से दूर, स्वर्ग के सबसे पास – केदार हिमालय के Hidden Treks
बुग्याल, हिमालयी वन और बर्फीली चोटियों का अद्भुत नज़ारा। आध्यात्म, रोमांच और एकांत का अनोखा संगम।
Example Ads Media
अल्मोड़ा: कोरोना संकट के बीच उत्तराखंड के पर्वतीय इलाके एक और समस्या से जूझ रहे हैं। इस समस्या की वजह हैं नरभक्षी गुलदार। गढ़वाल से लेकर कुमाऊं तक ऐसा कोई जिला नहीं, जहां गुलदार के हमले की घटनाएं ना हो रही हों। लोग अपने बच्चों की सुरक्षा को लेकर डरे हुए हैं। गुलदार के हमले का ताजा मामला अल्मोड़ा में सामने आया। यहां भिकियासैंण के पनपौला गांव में गुलदार एक 7 साल की बच्ची पर झपट पड़ा। शुक्र है कि घटना के वक्त बच्ची अकेली नहीं थी, उसकी मां भी उसके साथ मौजूद थी। मां के शोर मचाने पर गुलदार बच्ची को छोड़कर भाग गया। गुलदार के हमले में बच्ची की पीठ और कमर पर नाखून के गहरे निशान आये हैं। कुछ दिन पहले अल्मोड़ा के बाड़ीकोट वार्ड में आदमखोर गुलदार ने एक बच्ची को मार डाला था। आदमखोर का खौफ अभी खत्म भी नहीं हुआ था कि अब पनपौला में भी इसी तरह की घटना सामने आई है। गुरुवार को वार्ड नंबर चार में रहने वाले भूपेंद्र सिंह नेगी की पत्नी तुलसी देवी खेत से घर को लौट रही थी। तभी झाड़ियों में छिपा गुलदार तुलसी की 7 साल की बेटी दीपिका पर झपट पड़ा। आगे पढ़िए