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Untouched Trekking Routes in Kedar Himalaya, Uttarakhand
Lesser-known treks offering breathtaking Himalayan views. A perfect blend of adventure, solitude, and spirituality.
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चमोली: अनलॉक-5 में मिली छूट के बाद चारधाम की रौनक लौट आई है। उत्तराखंड में पर्यटकों की आवाजाही बढ़ने लगी है, लेकिन इस सीजन में दूसरे राज्यों से आने वाले पर्यटक चीन सीमा से सटे देश के अंतिम गांव माणा के दर्शन नहीं कर सकेंगे। इसके पीछे एक बड़ी वजह है। दरअसल माणा के ग्रामीणों ने कोरोना संक्रमण के बढ़ते खतरे को देखते हुए यहां पर्यटकों और यात्रियों की आवाजाही पूरी तरह प्रतिबंधित कर दी है। गांव वाले कोरोना संक्रमण रोकथाम से बचाव के लिए हर जरूरी कदम उठा रहे हैं। लॉकडाउन के बाद से ही यहां लोगों की आवाजाही पर रोक लगी है। अब ग्रामीणों ने लॉकडाउन को पूरे सीजन तक के लिए बढ़ा दिया है। यात्रियों की आवाजाही पर लगी रोक के चलते बदरीनाथ आने वाला कोई भी यात्री अब तक माणा, व्यास गुफा, गणेश गुफा और भीम पुल तक नहीं पहुंच सका। श्रद्धालु सरस्वती नदी के संगम, घंटाकर्ण देवता मंदिर और वसुधारा भी नहीं जा सके। ये सारे तीर्थस्थल माणा गांव के पास स्थित हैं। यही नहीं यहां सेना की आवाजाही भी गांव के ऊपर से बनाए गए वैकल्पिक रास्ते से हो रही है। जोशीमठ में स्थित माणा गांव पवित्र बदरीनाथ धाम से 3 किलोमीटर आगे स्थित है। कहते हैं इस गांव का नाम भगवान शिव के भक्त मणिभद्र के नाम पर पड़ा। आगे पढ़िए