केदारनाथ जाने वाले श्रद्धालु कृपया ध्यान दें, आप दो बजे के बाद सोनप्रयाग से आगे नहीं जा सकते

अगर आप केदारनाथ यात्रा पर जाने वाले हैं, तो इस खबर को ध्यान से पढ़ें। जिला प्रशासन ने दो बजे के बाद सोनप्रयाग से केदारनाथ जाने पर रोक लगा दी है। आगे जानिए पूरी डिटेल
Advertisement Triyuginarayan - World’s Most Divine Wedding Destination

Couples are choosing the sacred land of Lord Shiva’s wedding to begin their own love stories.

Example Ads Media
Kedarnath Dham: Devotees will not go beyond Sonprayag after 2 pm
Image: Devotees will not go beyond Sonprayag after 2 pm

रुद्रप्रयाग: अनलॉक-5 में मिली ढील के बाद चारधाम यात्रा पर तीर्थ यात्रियों की आमद तेजी से बढ़ी है। बीते शनिवार-रविवार को हजारों श्रद्धालु बदरीनाथ और केदारनाथ धाम के दर्शन करने पहुंचे। केदारनाथ में अचानक उमड़ी भीड़ के चलते प्रशासन को व्यवस्था बनाए रखने में भी परेशानी हुई। अब सुरक्षा कारणों के चलते जिला प्रशासन ने दो बजे के बाद सोनप्रयाग से केदारनाथ जाने पर रोक लगा दी है। अगर आप भी केदारनाथ यात्रा पर जाने वाले हैं, तो इस बात का ध्यान रखें। अब दोपहर दो बजे के बाद तीर्थ यात्री सोनप्रयाग से केदारनाथ नहीं जा सकेंगे। इसके अलावा तीन अन्य पड़ावों से भी तीन बजे के बाद यात्रियों के केदारनाथ धाम जाने पर रोक लगाई गई है। सुरक्षा कारणों के चलते यह निर्णय लिया गया है। कोरोना काल में थमी चारधाम यात्रा एक बार फिर रफ्तार पकड़ने लगी है, लेकिन इससे प्रशासन की चुनौतियां भी बढ़ गई हैं। बीते दो दिनों में केदारनाथ जाने वाले यात्रियों की संख्या में तेजी से इजाफा हुआ। शुक्रवार और शनिवार को कई यात्री शाम चार बजे के बाद सोनप्रयाग और गौरीकुंड से केदारनाथ के लिए रवाना हुए। जिस वजह से ये लोग देर रात तक धाम पहुंचे। आगे पढ़िए

यह भी पढ़ें - उत्तराखंड: खाई में गंभीर हालत में मिली युवती, 31 अक्टूबर को होनी वाली थी शादी
धाम क्षेत्र में अभी कई लोगों ने अपने होटल और लॉज नहीं खोले हैं। जिस वजह से यात्रियों को रहने-खाने तक की जगह नहीं मिली। यात्रियों को आवासीय कमरों के बरामदे और खुले आसमान के नीचे रात बितानी पड़ी। धाम में यात्रियों के नाइट स्टे की व्यवस्था सिर्फ जीएमवीएन के पास है, जो नाकाफी साबित हो रही है। केदारनाथ धाम में व्यवस्था बनाए रखने के लिए जिलाधिकारी के निर्देश पर यात्रियों के केदारनाथ जाने का समय तय किया गया है। जिला प्रशासन ने सोनप्रयाग से दोपहर दो बजे के बाद यात्रियों को धाम के लिए रवाना ना करने के निर्देश दिए हैं। इसके अलावा श्रद्धालुओं के जंगलचट्टी, भीमबली और लिनचोली से दोपहर तीन बजे के बाद केदारनाथ जाने पर रोक लगा दी गई है। जिला प्रशासन ने केदारनाथ और पड़ावों पर यात्रियों के रहने की व्यवस्था को लेकर भी जीएमवीएन को जरूरी निर्देश दिए। इसके अलावा यात्रियों की बढ़ती आमद को ध्यान में रख देवस्थानम प्रबंधन बोर्ड ने प्रतिदिन दर्शन के लिए निर्धारित संख्या को बढ़ा दिया है। अब बदरीनाथ और केदारनाथ धाम में एक दिन में तीन-तीन हजार श्रद्धालु दर्शन कर सकते हैं।