ऋषिकेश में पर्यटकों को राफ्टिंग कराने वाले कुल 16 राफ्टिंग गाइड संक्रमित पाए गए जिससे पर्यटन व्यवसाय से जुड़े लोगों समेत पर्यटकों के बीच में भी हड़कंप मचा हुआ है।
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Komal Negi
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Image: rafting guide coronavirus positive in rishikesh
ऋषिकेश: उत्तराखंड में एडवेंचर टूरिज्म के दीवानों के लिए तरह-तरह के एडवेंचर स्पोर्ट्स को वापस से संचालित करने की अनुमति राज्य सरकार ने अनलॉक-5 की प्रक्रिया प्रदान कर दी है। खासकर कि जो लोग रिवर राफ्टिंग के लिए कई महीनों से इंतजार कर रहे थे उनके चेहरे पर एडवेंचर टूरिज्म के दोबारा संचालन की खबर एक बड़ी खुशी लेकर आई थी। मगर लगता है कि उनकी खुशियों को किसी नजर लग गई है। अगर आपका भी प्रिय एडवेंचर स्पोर्ट रिवर राफ्टिंग है और अगर आप उत्तराखंड में रिवर राफ्टिंग के लिए आने की तैयारियां कर रहे हैं तो सावधान हो जाइए क्योंकि उत्तराखंड से रिवर राफ्टिंग लवर्स के लिए एक बेहद बुरी खबर सामने आ रहे हैं। यह तो सबको पता ही होगा कि ऋषिकेश में सरकार ने रिवर राफ्टिंग की अनुमति दी तो बड़ी संख्या में देश के अलग-अलग हिस्सों से पर्यटक उन्हें यहां पहुंचकर रिवर राफ्टिंग का लुफ्त उठा रहे हैं। मगर इसी के दौरान उत्साह और लापरवाही के चलते कोविड-19 के नियमों का पालन ना होने के कारण इसके दुष्परिणाम सबके सामने नजर आ रहे हैं। रिवर राफ्टिंग कराने वाले गाइड लगातार कोरोना संक्रमित निकल रहे हैं। बीते गुरुवार को कुल 16 राफ्टिंग गाइड संक्रमित पाए गए जिससे पर्यटन व्यवसाय से जुड़े लोगों समेत पर्यटकों के बीच में भी चिंता का माहौल बना हुआ है
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अब तक ऋषिकेश में कुल 20 रिवर राफ्टिंग गाइडों के अंदर कोरोना की पुष्टि हो गई है जिसके बाद वहां पर कोहराम मचा हुआ है। टिहरी जिले के स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी डॉ जगदीश चंद्र जोशी के अनुसार बीते बृहस्पतिवार को कुल 16 राफ्टिंग गाइड कोरोनावायरस मिले हैं। इससे पहले भी ऋषिकेश में कुल 4 राफ्टिंग गाइड कोरोना संक्रमित जा चुके हैं। जिसके बाद अब कुल आंकड़ा 20 पहुंच गया है। सबसे खतरनाक बात यह है कि यह राफ्टिंग गाइड लगभग हर रोज कई पर्यटक के संपर्क में आते हैं और लापरवाही में कोरोना के नियमों का पालन न होने के कारण उन पर्यटकों को भी कोरोना संक्रमित होने का रिस्क बढ़ा हुआ है। यह वही राफ्टिंग गाइड है जो पर्यटकों को राफ्ट में बिठाकर गंगा में रिवर राफ्टिंग करवाते हैं। ऐसे में जो भी पर्यटक इनके संपर्क में आ रहे हैं उनकी सुरक्षा के ऊपर तमाम सवाल उठ रहे हैं। सबसे बड़ी चिंता की बात तो यह है कि इतनी गंभीर समस्या होने के बाद भी अभी तक स्वास्थ्य विभाग या प्रशासन नियम नियम और कायदों की मॉनिटरिंग शुरू नहीं कर रहा है। ऐसे में राज्य में कोरोना कैसे कंट्रोल में होगा?
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वहीं अब सभी राफ्टिंग गाइडों के टेस्ट की मांग उठ रही है। राफ्टिंग व्यवसाय से जुड़े लोग एक ओर नियम कायदों की बात कर रहे हैं और दूसरी ओर नियमों का पालन नहीं कर रहे हैं। मगर एक साथ 16 गाइडों के पॉजिटिव आने के बाद उनके बीच भी हड़कंप मचा हुआ है और वह स्वास्थ्य विभाग से यह मांग कर रहे हैं कि गंगा में रिवर राफ्टिंग करा रहे सभी कंपनियों के कर्मचारियों का जल्द से जल्द कोरोना टेस्ट कराना चाहिए और यह भी सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि पर्यटकों के साथ सभी कंपनी के गाइड भी कोरोना के नियमों का सख्त पालन करें। अगर आने वाले समय में प्रशासन ने सख्त कदम नहीं उठाया तो कोरोना और भी अधिक बढ़ता जाएगा और सिचुएशन कंट्रोल से बाहर हो जाएगी। ऐसा इसलिए क्योंकि वीकेंड में लोग अधिक संख्या में रिवर राफ्टिंग करने आ रहे हैं। ऐसे में अगर और भी राफ्टिंग गाइड संक्रमित होंगे तो पर्यटकों के पॉजिटिव होने का रिस्क भी बढ़ता ही चला जाएगा।