डीएम स्वाति एस भदौरिया जोशीमठ विकासखंड का औचक निरीक्षण करने पहुंचीं थीं। इस दौरान वो विकासखंड कार्यालय भी गईं। जहां बीडीओ और दो अन्य कर्मचारी गायब मिले। आगे पढ़िए पूरी खबर
-
Komal Negi
-
Advertisement
Cheapest Chardham Yatra 2026 Package? The Price Will Shock You!
Planning Chardham in 2026? These 5 Packages Are Getting Booked Fast
Example Ads Media
Image: Chamoli DM Swati Bhadoria stopped salary
चमोली: चमोली में ड्यूटी में लापरवाही बरतने वाले कर्मचारियों के खिलाफ लगातार कार्रवाई हो रही है। यहां डीएम ने बीडीओ समेत दो कर्मचारियों का वेतन रोकने के आदेश दिए। डीएम के दौरे के दौरान बीडीओ और दो अन्य कर्मचारी ड्यूटी से गायब थे। जिस पर डीएम ने उनका वेतन रोकने के आदेश दिए हैं। चमोली की डीएम स्वाति एस भदौरिया की गिनती सूबे के तेजतर्रार युवा अफसरों में होती है। वो जनता के हितों के लिए काम करने के लिए मशहूर हैं, साथ ही लापरवाह अधिकारियों और कर्मचारियों को सबक सिखाने से भी नहीं झिझकतीं। बीते दिन भी यही हुआ। डीएम स्वाति एस भदौरिया जोशीमठ विकासखंड का औचक निरीक्षण करने पहुंचीं थीं। इस दौरान वो विकासखंड कार्यालय भी गईं। जहां बीडीओ और दो अन्य कर्मचारी अनुपस्थित मिले।
यह भी पढ़ें - उत्तराखंड: 5 जिलों में बर्फबारी का अलर्ट, ठंड में फ्लू का खतरा..मौसम विभाग ने जारी की एडवाइजरी
डीएम ने इन कर्मचारियों को अल्टीमेटम देने के साथ ही उनके खिलाफ तुरंत एक्शन लिया। उन्होंने सभी अनुपस्थित अधिकारियों व कर्मचारियों के वेतन आहरण पर अग्रिम आदेशों तक रोक लगा दी है। इस दौरान डीएम ने मनरेगा संबंधी कार्यों का जायजा लिया। इस दौरान डीएम ने देखा कि ज्यादातर लोगों को मनरेगा में गौशाला निर्माण कार्यों की स्वीकृति दी गई है। जिस पर डीएम ने नाराजगी जताई। उन्होंने निरीक्षण के दौरान मनरेगा के तहत संचालित कार्यों की गहनता से जांच की। साथ ही अधिकारियों को मनरेगा में स्वीकृत कार्यों का पूरा ब्यौरा उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए। डीएम ने जोशीमठ तहसील का भी निरीक्षण किया। उन्होंने तहसील कर्मचारियों को आपदा में क्षतिग्रस्त परिसंपत्तियों का विवरण रखने के लिए अलग से रजिस्टर बनाने को कहा।
यह भी पढ़ें - बड़ी खबर: ऋषिकेश-बदरीनाथ हाईवे तोतोघाटी के पास ध्वस्त..डायवर्ट हुआ ट्रैफिक
साथ ही राजस्व वसूली के लंबित मामलों में बड़े बकायेदारों से वसूली में तेजी लाने के भी निर्देश दिए। तहसील के निरीक्षण के दौरान 17 शिकायतें लंबित मिलीं। जिस पर डीएम ने एसडीएम को हर हफ्ते शिकायतों की समीक्षा करने और लंबित शिकायतों का निस्तारण करने के निर्देश दिए हैं। आपको बता दें कि चमोली में लापरवाह कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई का ये पहला मामला नहीं है। इससे पहले अगस्त में थराली जिला पंचायत के कुछ कर्मचारी कैरम खेलते पकड़े गए थे। जिनके खिलाफ डीएम स्वाति एस भदौरिया ने कार्रवाई करने के निर्देश दिए थे। इसी महीने राशन वितरण में लापरवाही मिलने पर डीएम ने पूर्ति निरीक्षक का वेतन रोकने की कार्रवाई भी की थी।