हरिद्वार की महज 13 वर्ष की ऋद्धिमा पांडे अलग-अलग क्षेत्रों में प्रभावशाली कार्य करने वाली विश्व की 100 प्रभावशाली महिलाओं में शामिल हो गई हैं।
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Komal Negi
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Image: Riddhima Pandey of Uttarakhand among 100 influential women of the world
हरिद्वार: प्रकृति है तो मनुष्य है। प्रकृति के बिना मनुष्य के अस्तित्व की कल्पना करना भी नामुमकिन है। धरती की संरचना में प्रकृति का एक बहुत ही बड़ा अहम योगदान है और प्रकृति वह चीज है जिसने हम सभी को जीवित रखा हुआ है। कहा जाता है कि हम प्रकृति के अधीन हैं।मगर मनुष्यों ने सालों से प्रकृति को अपना गुलाम बना कर रखा हुआ है। मनुष्य अपनी सुविधाअनुसार प्रकृति का हनन कर रहा है, उसका शोषण कर रहा है। पर्यावरण का संरक्षण इस समय एक ऐसा विषय है जिसके बारे में हम सभी को गंभीरता से सोचना चाहिए। और ऐसा हो भी रहा है। प्रकृति के लगातार हो रहे हनन और मानवीय गतिविधियों से हमारे पर्यावरण को जो चोट पहुंच रही है उसके लिए युवा वर्ग अपनी आवाज बुलंद कर रहा है और एक स्वर में प्रकृति के संरक्षण की बात कर रहा है। पर्यावरण संरक्षण जैसे गंभीर विषय को समझते हुए छोटे बच्चे लगातार आगे बढ़ रहे हैं। प्रकृति को बचाने हेतु वे लगातार काम कर रहे हैं। इसी कड़ी में अपना नाम जोड़ा है उत्तराखंड के हरिद्वार की महज 13 वर्ष की रिद्धिमा पांडे ने। मात्र 13 वर्ष की छोटी सी उम्र में रिद्धिमा पांडे दुनिया की 100 प्रेरक और प्रभावशाली महिलाओं की सूची में शामिल हो गई हैं। बीबीसी हर साल दुनिया की 100 ऐसी महिलाओं की लिस्ट निकालती है और उनको सम्मानित करती है जिन्होंने विभिन्न क्षेत्रों में शानदार काम किया है। एक न्यूज रिपोर्ट के मुताबिक बीबीसी द्वारा जारी की गई लिस्ट में हरिद्वार की नन्ही बेटी ने विश्व की टॉप 100 प्रेरक और प्रभावशाली महिलाओं के बीच जगह बना ली है। पूरे देश में कुल 3 ही भारतीय महिलाओं को इस लिस्ट में शुमार किया गया है और यह देवभूमि के लिए गर्व की बात है कि ऋद्धिमा पांडे उन तीनों महिलाओं में से एक है और सबसे कम उम्र की है।
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भले ही रिद्धिमा पांडे 13 वर्ष की हों, मगर वे अपने काम के प्रति इस कदर महत्वाकांक्षी हैं जिसके आगे बड़े-बड़े भी फेल हैं। रिद्धिमा पर्यावरण कार्यकर्ता हैं और पर्यावरण संरक्षण जैसे महत्वपूर्ण विषय के बारे में वे जागरूकता फैलाने का कार्य भी करती हैं। महज 9 वर्ष की उम्र में रिद्धिमा ने जलवायु परिवर्तन और पर्यावरण संरक्षण को लेकर कदम नहीं उठाने पर केंद्र सरकार के खिलाफ एजीटी में वाद दायर किया था। महज 13 वर्ष की रिद्धिमा पांडे की उपलब्धियां सुनकर शायद आप भी आश्चर्यचकित रह जाएंगे। हरिद्वार की रिद्धिमा जो कि पर्यावरण कार्यकर्ता हैं भारत की उन 3 महिलाओं में से एक हैं जिनका नाम बीबीसी द्वारा जारी की गई टॉप 100 प्रभावशाली और इंफ्लुएंजिंग महिलाओं की सूची में शामिल है। और रिद्धिमा पांडे तीनों महिलाओं में सबसे कम उम्र की हैं जो कि देवभूमि के लिए गर्व की बात है। महज 11 वर्ष की उम्र में रिद्धिमा पांडे भारत की पहली ऐसी लड़की थी जिन्होंने यूनाइटेड नेशंस ( यूएन ) में जाकर पर्यावरण संरक्षण को लेकर दमदार भाषण भी दिया था। देवभूमि की यह बेटी लगातार जंगलों के कटने, जलवायु परिवर्तन की ओर अपनी आवाज बुलंद कर रही हैं और अब उनको अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी पर्यावरण के संरक्षण की दिशा में काम करने और जागरूकता फैलाने के लिए सराहना मिल रही है।