उत्तराखंड: हरिद्वार में कार्तिक पूर्णिमा पर श्रद्धालुओं की एंट्री बैन, गंगा घाटों पर नहीं होगा स्नान

जिन श्रद्धालुओं ने उत्तराखंड स्मार्ट सिटी पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन करा रखा है, उन्हें भी गंगा घाटों पर स्नान करने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
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Haridwar News: Entry of devotees banned on Karthik Poornima in Haridwar
Image: Entry of devotees banned on Karthik Poornima in Haridwar

हरिद्वार: कोरोना काल ने हर त्योहार की रौनक छीन ली। कार्तिक पूर्णिमा के दिन श्रद्धालु गंगा स्नान के लिए हरिद्वार आया करते थे, लेकिन इस बार श्रद्धालु अपनी ये इच्छा पूरी नहीं कर पाएंगे। हरिद्वार प्रशासन ने कार्तिक पूर्णिमा पर होने वाले स्नान पर रोक लगा दी है। वजह वही है, कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामले। कार्तिक पूर्णिमा पर दूसरे राज्यों से आने वाले श्रद्धालुओं को स्नान के लिए हरिद्वार आने की अनुमति नहीं मिलेगी। जिन श्रद्धालुओं ने उत्तराखंड स्मार्ट सिटी पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन करा रखा है, उन्हें भी गंगा घाटों पर स्नान करने की अनुमति नहीं दी जाएगी। बाहरी राज्यों से हरिद्वार आने वालों को बॉर्डर पर ही रोक दिया जाएगा। इसके लिए सीमा पर पुलिस बलों की तैनाती की जाएगी। अगर आप भी कार्तिक पूर्णिमा पर गंगा स्नान के लिए हरिद्वार जाने की प्लानिंग कर रहे हैं, तो फिलहाल इसे टाल ही दें। राज्य सरकार के निर्देश पर महामारी अधिनियम 1897 और आपदा प्रबंधन अधिनियम-2005 के तहत हरिद्वार में कार्तिक पूर्णिमा स्नान के लिए अनुमति नहीं दी गई है। ना ही किसी को इसके लिए हरिद्वार में आने की परमिशन दी जाएगी। आगे पढ़िए

कार्तिक पूर्णिमा स्नान और गुरुनानक देव जयंती के मौके पर हरियाणा, दिल्ली, पंजाब, हिमाचल, राजस्थान और उत्तर प्रदेश से लाखों श्रद्धालु हरिद्वार पहुंचते रहे हैं, लेकिन इस बार कोरोना के खतरे को देखते हुए श्रद्धालुओं को हरिद्वार में एंट्री की इजाजत नहीं दी जाएगी। डीएम सी. रविशंकर ने कहा कि दिल्ली सहित अन्य राज्यों में कोविड-19 संक्रमण तेजी से फैल रहा है। जन सुरक्षा एवं स्वास्थ्य की रक्षा के लिए सार्वजनिक भीड़ को रोकना जरूरी हो गया है। ऐसे में स्नान के लिए आने वाले लोगों को हरिद्वार में प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाएगी। आदेश का सख्ती से पालन कराया जाएगा। उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इस संबंध में बुधवार को पुलिस अधिकारियों और श्रीगंगा सभा के पदाधिकारियों ने समन्वय बैठक भी की। जिसमें स्नान पर्व पर हरकी पैड़ी सहित सभी घाटों पर श्रद्धालुओं की आवाजाही रोकने की व्यवस्थाओं पर चर्चा कर कार्य योजना तैयार की गई। हरिद्वार में श्रद्धालुओं की एंट्री रोकने के लिए बॉर्डर पर पुलिस बल की तैनाती करने का निर्णय लिया गया।