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टिहरी गढ़वाल: डोबरा-चांठी पुल। टिहरी और प्रतापनगर वासियों की उम्मीदों का पुल। इस पुल को आकार लेने में पूरे 15 साल लगे। बीते नवंबर में राज्य स्थापना दिवस के मौके पर पुल को जनता को समर्पित कर दिया गया, लेकिन उद्घाटन के कुछ ही दिन बाद डोबरा-चांठी पुल की एक ऐसी तस्वीर सामने आई है, जिसे देख टिहरी की जनता खुद को ठगा हुआ महसूस कर रही है। देश के पहले सिंगल लेन सस्पेंशन ब्रिज डोबरा-चांठी पर बिछी मास्टिक के जोड़ो में दरार पड़ने लगी है। जिसके बाद डोबरा-चांठी पुल का निर्माण करने वाली गुप्ता कंपनी एक बार फिर सवालों के घेरे में है। पुल का उद्घाटन हुए अभी एक महीना भी नहीं हुआ और पुल के मास्टिक में दरारें पड़ने लगी हैं। इसे लेकर लोगों की चिंता जायज है। टिहरी में बने डोबरा-चांठी पुल के निर्माण के लिए प्रतापनगर के लोग लंबे समय से आंदोलनरत थे। टिहरी झील के निर्माण के बाद से प्रतापनगर इलाका अलग-थलग पड़ा था। जनता की मांग पर साल 2005 में पुल का निर्माण शुरू हुआ। निर्माण के दौरान कई समस्याएं सामने आईं। आगे पढ़िए