नैनीताल हाईकोर्ट का आदेश, 31 दिसंबर को लगे नाइट कर्फ्यू..सरकार ने दिया जवाब

हाईकोर्ट ने क्रिसमस और 31 की रात्रि को नैनीताल जिले में कर्फ्यू लगाने के आदेश दे दिए हैं..उधर सरकार का कहना है कि ये संभव नहीं है। जानिए पूरी खबर।
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Night Curfew Nainital: Night curfew will not be imposed on December 31 in Nainital
Image: Night curfew will not be imposed on December 31 in Nainital

नैनीताल: उत्तराखंड में आने वाले कुछ दिनों तक मशहूर पर्यटक स्थलों पर पर्यटकों की भारी भीड़ देखने को मिलेगी। क्रिसमस और न्यू ईयर के चलते उत्तराखंड के मशहूर पर्यटक स्थल नैनीताल, देहरादून और मसूरी में कई लोग अपने दोस्तों एवं परिवारों के साथ आएंगे। मगर तेजी से बढ़ते हुए कोरोना के कारण भारी संख्या में एक साथ पार्टियां करना खतरे को आमंत्रित करने जैसा है। इसी को देखते हुए हाईकोर्ट ने सरकार को नैनीताल में क्रिसमस और 31 की रात को कर्फ्यू लगाने की बात कही। दरअसल कोर्ट ने सरकार से पूछा कि नैनीताल, मसूरी, देहरादून में क्रिसमस व 31 दिसंबर को होने वाली पार्टियों को रोक लगाने के लिए क्या इंतजाम किए हैं। सरकार की तरफ से कहा गया कि देहरादून व मसूरी में जिलाधिकारी ने सभी होटलों, सार्वजनिक स्थानों, ढाबों में पार्टियां करने पर पाबंदी लगा दी गई है। कोर्ट ने जब नैनीताल के बारे में पूछा तो सरकार ने कहा कि इस पर जिलाधिकारी निर्णय लेंगे। इस बीच नैनीताल जिला निगरानी कमेटी द्वारा कोर्ट को सुझाव दिया गया कि क्रिसमस और 31 दिसंबर को नैनीताल में शाम आठ बजे से लेकर सुबह 10 बजे तक नाइट कर्फ्यू लगाया जाय। इसके बाद कोर्ट ने सरकार को निर्देश दिए कि कमेटी द्वारा दिये गए सुझाव पर अमल किया जाय। इसके बाद सरकार की ओर से स्पष्ट किया कि नाइट कर्फ्यू संभव नहीं है। सरकार द्वारा जवाब दिया गया कि जिला प्रशासन की ओर से पर्यटकों की कोविड जांच को अनिवार्य किया जा रहा है। सार्वजनिक स्थानों पर भीड़ नहीं होने देने के लिए अतिरिक्त पुलिस फोर्स की तैनाती की जाएगी।

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वहीं सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की तरफ से हाईकोर्ट को कुंभ मेले की तैयारियों को लेकर शपथ पत्र भी पेश किया गया, जिसमें राज्य सरकार ने कुंभ मेले को लेकर अगली सुनवाई से पहले नई एसओपी जारी करने की बात कही है ताकि कुंभ मेले में सामाजिक दूरी बनी रहे। कोर्ट ने अगली सुनवाई से पहले इस एसओपी को जारी करने के आदेश दिए हैं। जिला निगरानी कमेटी हरिद्वार ने कोर्ट को अवगत कराया कि कुंभ मेले से पहले हरिद्वार में निर्माणाधीन पुल और फ्लाईओवर शायद नहीं बन पाएंगे। सरकार की ओर से कोर्ट को यह भी बताया गया कि केंद्र की तरफ से बनाई गईं 65 योजनाएं राज्य में लागू कर दी गई हैं। कोर्ट ने तमाम बिंदुओं पर सुनवाई करते हुए राज्य सरकार को यह निर्देश दिए हैं कि अगली सुनवाई से पहले वह जल्द से जल्द कोर्ट में नया शपथ पत्र पेश करें और कुंभ मेले को लेकर नई एसओजी भी जारी करें।