ब्रिटेन से उत्तराखंड पहुंचे 227 लोगों में से कोरोना जांच के डर के कारण 41 लोगों ने प्रशासन से दूरी बना ली है जिस वजह से प्रशासन उनको ट्रेस नहीं कर पा रहा है।
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Komal Negi
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Image: 227 people returned from UK in Uttarakhand
देहरादून: ब्रिटेन में कोरोना की दूसरी स्ट्रेन आने के बाद वहां पर एक बार फिर से लॉकडाउन लग गया है। कोरोना की यह दूसरी स्ट्रेन पहली वाली से भी ज्यादा खतरनाक है। ऐसा इसलिए क्योंकि कोरोना का यह प्रकार अधिक तेजी से लोगों के बीच में फैलता है और यह पहले वाले से अधिक शक्तिशाली और प्रभावशाली भी है। वहीं ब्रिटेन में इस दूसरे स्ट्रेन के आने के बाद भारत भी सतर्क हो गया है और उसने ब्रिटेन से आने वाली सभी फ्लाइटों के ऊपर भी पाबंदी लगा दी है। मगर उसके बावजूद भी जो लोग ब्रिटेन से पहले वापस आ चुके हैं उन लोगों को ट्रेस करना और आइसोलेट करना बेहद जरूरी है ताकि अगर किसी में संक्रमण हो तो वह और लोगों तक न फैले। उत्तराखंड प्रशासन भी अब ब्रिटेन से आए लोगों को ट्रेस करने में जुटा हुआ है। ब्रिटेन से लौटने वाले सभी लोगों पर उत्तराखंड प्रशासन नजर रख रहा है।
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1 महीने में उत्तराखंड में ब्रिटेन से कुल 227 लोग वापस लौटे हैं मगर बुरी खबर यह है कि इन 227 लोगों में से 41 लोगों की प्रशासन को कोई खबर नहीं है। कोरोना जांच के डर के कारण 41 लोगों ने प्रशासन से दूरी बना ली है। कईयों ने अपने फोन बंद कर दिए हैं तो कई ऐसे हैं जो अपनी सैंपलिंग नहीं करवाना चाहते। स्वास्थ्य विभाग और स्टेट कंट्रोल रूम मिल कर इन 41 प्रवासियों को ट्रेस करने की कोशिशों में जुटा हुआ है मगर इनका कोई भी पता नहीं लग पाया है जोकि चिंताजनक बात है। पिछले 1 महीने में ब्रिटेन से उत्तराखंड को 227 लोग लौटे हैं जिनमें से सबसे अधिक प्रवासी देहरादून से हैं। पिछले 1 महीने में देहरादून में ब्रिटेन से 131 लोग लौटे वापस हैं। इन 131 लोगों की लिस्ट बनाकर इन को ट्रेस कर उनके सैंपल कलेक्ट किए जा रहे हैं। 55 से अधिक लोगों के कोविड-19 सैंपल टेस्ट ले लिए गए हैं। ब्रिटेन से वापस लौटे 41 लोगों का सही एड्रेस नहीं मिल पाया जिस वजह से उनको अब तक ट्रेस नहीं किया जा सका है। यह 41 लोग प्रशासन की नजरों से गायब हो रखे हैं, जिस कारण उनका कोरोना टेस्ट भी नहीं हो पाया है।
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सबसे चिंताजनक बात यह है कि यह 41 लोग अब आखिर कितने लोगों के संपर्क में आ रहे होंगे इस बात का अंदाजा तक स्वास्थ्य विभाग को नहीं है। ऐसे में कोरोना की दूसरी स्ट्रेन के फैलने का खतरा उत्तराखंड में बढ़ गया है। प्रशासन ने इस बात की जानकारी सेंट्रल कंट्रोल रूम को दे दी है। अंकिता खंडेलवाल प्रभारी जिलाधिकारी बताती हैं कि ब्रिटेन से लौटकर आए लोगों को उनकी सही जानकारी ना देने पाने के कारण ट्रेसिंग करने में दिक्कत आ रही है। लोग टेस्ट नहीं करवाना चाहते जिस वजह से उन्होंने उनसे संपर्क करने के सभी माध्यमों को बंद कर दिया है। मगर उन्होंने यह भी कहा है कि जो भी कोरोना संक्रमित होगा उसका पता लग ही जाएगा क्योंकि एयरपोर्ट पर सभी के कोरोना टेस्ट हो रहे हैं। मगर इसके बाद भी रिस्क की गुंजाइश है क्योंकि हाल ही में काशीपुर में ब्रिटेन से लौटी महिला के अंदर कोरोना की पुष्टि हुई थी। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग की नजरों से ओझल हो रखे इन 41 संक्रमितों का पता लगाना बेहद जरूरी है। इसीलिए इन 41 लोगों को ट्रेस करने की तमाम कोशिशें प्रशासन और कंट्रोल रूम द्वारा की जा रही हैं।