उत्तराखंड: मां ने खोला कमरे का दरवाजा..अंदर लटक रही थी बेटे की लाश

युवक ने बेरोजगारी से परेशान होकर अपनी जिंदगी खत्म करते हुए फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। युवक अपने पीछे 2 मासूम बच्चों एवं पत्नी को छोड़कर गया है।
Advertisement Untouched Trekking Routes in Kedar Himalaya, Uttarakhand

Lesser-known treks offering breathtaking Himalayan views. A perfect blend of adventure, solitude, and spirituality.

Example Ads Media
Haldwani news: Youth suicide in haldwani
Image: Youth suicide in haldwani

हल्द्वानी: कोरोना काल के शुरुआत से ही राज्य में बेरोजगारी अपने चरम पर है और इस बेरोजगारी ने न जाने कितने ही युवाओं की जान भी ली है। कई लोग इस दौरान अवसाद में आए हैं और उन्होंने आत्महत्या का रास्ता चुना है। कमा न सकने की वजह से बेरोजगार युवा अवसाद में आ रहे हैं और आत्महत्या जैसा कदम उठा रहे हैं। राज्य में आत्महत्या के केसों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। ताजी खबर हल्द्वानी जिले से सामने आई है। यह वर्ष जाते-जाते भी बुरी खबर दे गया। हल्द्वानी में एक 35 वर्षीय युवक ने बेरोजगारी से परेशान होकर अपनी जिंदगी खत्म कर दी। युवक अपनी नौकरी छूटने की वजह अवसाद में था और इसी कारण उसने अपनी जान देना मुनासिब समझा। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम हाउस में भेज दिया।

यह भी पढ़ें - गढ़वाल: 3 जिलों में सीरियल चोरी से मचाया हड़कंप..गिरफ्तार हुआ कश्मीरी गैंग का शौकत अली
हादसे के बाद से ही मृतक के घर में कोहराम मचा हुआ है। घटना का पता तब चला जब मृतक की मां उनके कमरे में पहुंची और अपने बेटे को पंखे के फंदे से लटकता हुआ पाया। हादसे के बाद से मृतक की मां का रो-रो कर बुरा हाल है। चलिए अब आपको पूरी घटना से अवगत कराते हैं। घटना हल्द्वानी जिले के ग्राम सभा हिम्मतपुर बैजनाथ की बताई जा रही है जहां पर 35 वर्षीय नरेंद्र सिंह अपने परिवार के साथ रहते थे। नरेंद्र सिंह पटवाल की शादी 2007 में जानकी से हुई थी। तन्मय और परी नाम की उनके दो बच्चे भी हैं। नरेंद्र सिंह पटवाल गुरुग्राम में नौकरी करते थे और उनके साथ में उनकी पत्नी जानकी बेटी परी और बेटा तन्मय भी रहते थे। कोरोना काल में उनकी नौकरी छूट गई और वे अपने घर हल्द्वानी वापस लौट आए। जबकि उनकी पत्नी जानकी बेटी परी के साथ मायके में चली गई।

यह भी पढ़ें - पहाड़ के दशौली गांव की दिव्या बनी असिस्टेंट प्रोफेसर..UKPSC परीक्षा में हासिल की दूसरी रैंकिग
बताया जा रहा है कि बेरोजगार होने से नरेंद्र बेहद परेशान चल रहे थे और उन्होंने आखिरकार आत्महत्या करने का फैसला लिया। उस रात उन्होंने अपनी पत्नी से फोन पर बात भी की।बीते रविवार की रात को नरेंद्र अपने कमरे में सोने गए और उसी रात उन्होंने अपनी जिंदगी समाप्त कर दी। अगली सुबह जब उनकी मां उसके कमरे में पहुंची तो अपने बेटे को पंखे से लटकता पा कर उनके होश उड़ गए। हादसे की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लिया। शव को मोर्चरी में भेज दिया गया है। पुलिस के मुताबिक नरेंद्र ने आत्महत्या करने से पहले अपनी पत्नी जानकी से बात भी की थी। और उसी रात उन्होंने अपनी जिंदगी समाप्त कर दी। उनके जाने के बाद उनके दोनों मासूम बच्चों के सिर के ऊपर से पिता का साया उठ चुका है और उनके परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल है।