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जहां आज भी सिर्फ चरवाहे जाते हैं – केदार हिमालय के अनदेखे ट्रेक्स
प्रकृति, शांति और हिमालय – केदार के गुप्त ट्रेक्स.. यहां कदम रखते ही बदल जाती है सांस और सोच – Hidden Kedar Trails
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पौड़ी गढ़वाल: कहते हैं जिंदगी जीने का जज्बा हो तो आदमी के सामने बड़ी से बड़ी बीमारी भी घुटने टेक देती है। पौड़ी गढ़वाल की 93 साल की बुजुर्ग महिला ने भी कोरोना को मात देकर ऐसा ही कुछ कर दिखाया। पौड़ी के कंडोलिया मार्ग निवासी 93 साल की सुरजी देवी कोरोना संक्रमण से जूझ रही थीं। 3 दिसंबर को रैपिड टेस्ट के दौरान उनमें कोरोना की पुष्टि हुई। जिसके बाद उन्हें श्रीनगर के कोविड केयर सेंटर में भर्ती कराया गया था। सुरजी देवी का केस काफी कांप्लिकेटेड था। क्योंकि वह काफी बुजुर्ग थीं इसलिए डॉक्टरों के सामने उन्हें बचाना बड़ी चुनौती थी। लेकिन महिला के जिंदगी जीने के हौसले ने असंभव से लगने वाले लक्ष्य को संभव कर दिखाया। अस्पताल में कई दिन तक भर्ती रहने के बाद आखिरकार सुरजी देवी कोरोना से जंग जीतने में कामयाब रहीं। श्रीनगर मेडिकल कॉलेज का दावा है कि यह उत्तराखंड का पहला मामला है, जब इतनी उम्र का कोई संक्रमित स्वस्थ होकर घर लौटा है। नए साल के मौके पर सुरजी देवी कोरोना से जंग जीत कर अपने घर पौड़ी के लिए रवाना हुईं। मेडिकल कॉलेज के डॉक्टरों ने महिला की कोरोना रिपोर्ट निगेटिव आने के बाद नये साल पर उनके परिजनों को अस्पताल बुलाया। शुक्रवार को बुजुर्ग सुरजी देवी को उनके घर भेज दिया गया।