गढ़वाल: कलयुगी गुरु ने छात्रा से रेप कर किया गर्भवती..कोर्ट ने सुनाई 20 साल की जेल की सजा

उत्तराखंड के टिहरी जिले में नाबालिग छात्रा के साथ बलात्कार कर उसको गर्भवती करने के मामले में 3 साल के बाद आरोपी शिक्षक को 20 साल के कारावास की सजा सुनाई गई है।
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Tehri Garhwal News: Tehri Garhwal teacher jailed for 20 years
Image: Tehri Garhwal teacher jailed for 20 years

टिहरी गढ़वाल: उत्तराखंड के टिहरी में अबसे तकरीबन 3 साल पहले एक दिल दहला देने वाला बलात्कार हुआ था जहां एक शिक्षक ने ही अपनी छात्रा को अपनी हैवानियत का शिकार बना दिया था। जहां एक ओर शिक्षक को भगवान का दर्जा दिया जाता है, वहीं टिहरी गढ़वाल में इतिहास के शिक्षक ने हैवानियत की सभी हदों को पार कर अपनी ही नाबालिग छात्रा को अपनी हवस का शिकार बना दिया और उसको गर्भवती कर दिया था, अब 3 साल के बाद आखिरकार पीड़ित छात्रा को न्याय मिला है और दोषी पाए जाने पर आरोपी शिक्षक को 20 साल के कारावास की सजा सुनाई गई है।इसी के साथ कोर्ट ने आरोपी शिक्षक के ऊपर 25000 का जुर्माना भी लगाया है अगर अर्थदंड नहीं दिया तो आरोपी शिक्षक को 6 माह का अतिरिक्त कारावास भी भुगतना पड़ेगा। 3 साल के लंबे इंतजार के बाद आखिरकार पीड़िता को न्याय मिल ही गया और सच्चाई की जीत हुई। अब 20 सालों के लिए बलात्कारी शिक्षक को जेल की हवा खाने के निर्देश कोर्ट ने दे दिए हैं। चलिए अब आपको बताते हैं कि आखिर 3 साल पहले टिहरी गढ़वाल में आरोपी शिक्षक द्वारा की गई हैवानियत का पता कैसे चला और आखिर यह पूरा मामला क्या है।

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मामला 22 सितंबर का बताया जा रहा है। 22 सितंबर 2017 को पीड़िता के पिता ने उनकी बेटी के साथ हुए बलात्कार का मुकदमा पुलिस में दर्ज कराया था। पिता ने मामला तब दर्ज कराया था जब उनकी नाबालिग बेटी 8 महीने की गर्भवती थी। जब पुलिस ने मामले की तहकीकात की तो पुलिस भी दंग रह गई क्योंकि बलात्कारी और कोई नहीं छात्रा का शिक्षक था जो कि स्कूल के बाद उसको अपने पास रोक कर जबरदस्ती उसका शारीरिक रूप से शोषण करता था। आरोपी प्रमेश कुमार टिहरी जिले के जौनपुर ब्लॉक के एक इंटर कॉलेज में इतिहास के प्रवक्ता पद पर तैनात था और उसके ऊपर उसी की नाबालिग छात्रा के साथ जबरन शारीरिक संबंध बनाने का आरोप लगा था। 13 सितंबर 2017 को छात्रा ने अपने पेट में बहुत तेज दर्द की शिकायत की थी, जिसके बाद परिजनों ने उसको अस्पताल में भर्ती कराया था जहां पर डॉक्टरों ने उसे 8 महीने की गर्भवती बताया था।

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जब परिजनों ने अपनी बेटी से इस बारे में पूछा तो छात्रा ने उनको सारी सच्चाई बता दी। छात्रा ने बताया कि उसके इतिहास का शिक्षक प्रमेश स्कूल की छुट्टी होने के बाद उसको क्लास में रोकता था और उससे कमरा साफ करवाता था और उसको खाने- पीने की कुछ चीजों में नशीला पदार्थ भी देता था जिसके बाद वह बेहोश हो जाती थी और वह उसके साथ दुराचार करता था। यह बात किसी को बताने पर वह छात्रा को और उसके माता-पिता को जान से मारने की धमकी भी देता था। पीड़िता ने बताया कि उसके शिक्षक ने कई बार उसको अपने घर पर बुलाकर भी उसके साथ रेप किया। जब उसके घर वालों को यह बात पता लगी तब उनके पैरों तले जमीन खिसक गई और छात्रा के पिता ने अपनी मासूम बेटी को न्याय दिलाने के लिए कानून के दरवाजे खटखटाए और उन्होंने 22 सितंबर को थाना कैंपटी में मुकदमा दर्ज कराया पुलिस ने पोक्सो एक्ट के तहत मामला पंजीकृत कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया और जेल भेज दिया और 3 साल के लंबे समय के बाद टिहरी में विशेष न्यायाधीश अमित कुमार की अदालत ने बचाव और अभियोजन पक्ष की सभी दलीलें सुनने के बाद आखिरकार आरोपी शिक्षक प्रमेश को दोषी पाते हुए 20 साल के कारावास की सजा सुनाई है और इसी के साथ राज्य सरकार को पीड़िता को 7 लाख भुगतान करने को भी कहा है।